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जम्मू-कश्मीर : चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 200 से ज्यादा अफसरों का ट्रांसफर

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में चुनाव की तारीखों के एलान से पहले बड़े पैमाने पर प्रशासनिक तबादले किए गए हैं। राज्य में करीब 200 सिविल और पुलिस अधिकारियों का तबादला किया गया है। इसमें आईजीपी, डीआईजी समेत कई सीनियर पुलिस अधिकारियों का तबादला हुआ है। इसके साथ ही कई जिलों को नए पुलिस प्रमुख मिले। चुनाव आयोग के निर्देश पर 8 उप महानिरीक्षकों (DIG) और 14 सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) समेत 24 पुलिस अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से ट्रांसफर किया गया है।

30 सितंबर से पहले विस चुनाव कराने के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को जम्मू-कश्मीर में 30 सितंबर से पहले विधानसभा चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। जम्मू-कश्मीर के सामान्य प्रशासन विभाग ने गुरुवार (15 असग्त) देर रात तत्काल प्रभाव से तबादलों और पोस्टिंग के आदेश जारी किए। इन तबादलों में पुंछ और बांदीपोरा जिलों के डिप्टी कमिश्नर, सचिव, कमिश्नर, महानिदेशक, प्रबंध निदेशक और कई विभागों के निदेशक शामिल हैं।

31 जुलाई को चुनाव आयोग ने केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन से उनके गृह जिलों में तैनात अधिकारियों का तबादला करने को कहा था। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी अधिकारी अपने होम डिस्ट्रिक्ट में तैनात न रहे। इसके साथ ही वह किसी एक पद पर 2 साल से ज्यादा समय से न हो।

आज होना है चुनाव की तारीखों का ऐलान

चुनाव आयोग ने आज दोपहर 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है होनी है। जिसमें जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव तारीखों का ऐलान हो सकता है। राज्य में 370 हटने के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव हो रहा है।

जम्मू-कश्मीर में 2018 से सरकार भंग

राज्यों में मौजूदा विधानसभाओं का कार्यकाल क्रमशः हरियाणा में 3 नवंबर, महाराष्ट्र में 26 नवंबर को समाप्त होने जा रहा है। झारखंड विधानसभा का कार्यकाल भी 5 जनवरी 2025 को खत्म होगा। इन विधानसभाओं के चुनाव उनके कार्यकाल पूरा होने से पहले कराए जाने हैं। इसके अलावा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद नए सदन के गठन के लिए जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा चुनाव भी कराए जाने हैं। जम्मू-कश्मीर में 2018 से सरकार भंग हैं। यहां पर राष्ट्रपति शासन है। यहां आखिरी बार 2014 में चुनाव हुए थे। जब BJP-PDP का अलायंस टूटा तो सरकार भंग हो गई।

2019 में हटी धारा 370

जम्मू-कश्मीर में साल 2014 के बाद से विधानसभा चुनाव का आयोजन नहीं हुआ है। 2019 राज्य से धारा 370 के हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश बना दिया गया था। साथ ही लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग कर दिया गया था। रेड्डी को भाजपा ने जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव का प्रभारी नियुक्त किया है। सोमवार को जम्मू के बाहरी इलाके में रैली करते हुए रेड्डी ने घाटी में विकास की गति बनाए रखने और आतंकवाद को उखाड़ने लोगों से भाजपा को वोट देने की अपील की है।

पिछली बार घाटी में 2014 में हुआ था विस चुनाव

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनाव सितंबर में होंगे और हमें यकीन है कि लोग भाजपा को पूर्ण बहुमत से सत्ता में लाएंगे। बता दें, पिछली बार घाटी में विस चुनाव का आयोजन 2014 में किया गया था। 19 जून 2018 को भाजपा की ओर से समर्थन वापस लेने के बाद तत्कालीन सीएम महबूबा मुफ्ती ने मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया था और उसके बाद जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू हुआ। बाद में यहां बाद में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया।

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