
अशोक गौतम-भोपाल। प्रदेश में ‘हर घर नल’ पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन दिनरात एक कर रहा है, बावजूद पिछले चार साल में 52 लाख परिवारों तक पाइप लाइन के जरिए पानी पहुंचाने का वादा शत – प्रतिशत पूरा नहीं हो सका है। अभी भी करीब 13 लाख परिवार शुद्ध जल मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इसके पीछे ठेकेदारों की निष्क्रीयता तथा अन्य कानूनी दांव-पेंच प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। हालांकि विभाग द्वारा दो सौ से अधिक ठेकेदारों पर कार्रवाई की गई है।
इसके अलावा 34 ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड कर उन्हें सस्पेंड करने के आदेश हुए हैं। पिछले दिनों नल जल योजना की समीक्षा के दौरान पाया गया कि सिंगल विलेज स्कीम में वर्ष 2020 से हर घर नल पहुंचाने का अभियान अभी भी 25 फीसदी अधूरा है। विभाग ने अब ठेकेदारों को मार्च तक काम पूरा करने की डेड लाइन दी है।
क्या है सिंगल विलेज स्कीम
ठेकेदारों को गांव में बोर कर उस गांव के लिए पानी का नेटवर्क तैयार करना है और पानी की टंकी बनाना है। इसके बाद नल कनेक्शन देने और उनसे पानी का शुल्क प्रति माह वसूली करने का काम पंचायतों को करना है। समूह योजना में दो से अधिक गांवों के लिए योजना बनाना है और यहां पानी की व्यवस्था गांव से दूर दराज इलाके में स्थित नदी, तालाब और डेम से करना है। समूह योजना में तीन वर्ष और सिंगल विलेज स्कीम में एक साल के भीतर शुद्ध जल पहुंचाने की शर्त है।
घरों तक पानी पहुंचाने में रायसेन -सीहोर सबसे पीछे
सिंगल विलेज योजना में घरों तक पानी पहुंचाने के मामले में राजधानी से सटे जिले सीहोर और रायसेन काफी पीछे हैं। करीब दस जिलों में 30 फीसदी घरों तक पानी पहुंचाना बचा है। वहीं निवाड़ी और बुरहानपुर में शत-प्रतिशत घरों तक पानी पहुंचाया गया है। जिन प्रमुख जिलों में स्कीम पिछड़ी है, उनमें रायसेन, मुरैना, सीहोर, सिवनी, शहडोल, टीकमगढ़, मंडला, डिंडोरी, छतरपुर और छिंदवाड़ा जिला शामिल है।
जहां काम पीछे है, वहां के ठेकेदारों को नोटिस दिया है
सिंगल विलेज स्कीम में कई जगह काम काफी पीछे हैं। इन कामों को ठेकेदारों को मार्च तक पूरा करने के लिए कहा है। कई जगह पर ठेकेदारों पर कार्रवाई भी की गई है। वहीं प्रत्येक योजना की डेली मॉनीटरिंग करने के लिए मैदानी इंजीनियरों को कहा गया है। -पी. नरहरी, सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग
पाइप लाइन डाल दी, लेकिन टंकी नहीं बनी
दो वर्ष पहले हमारे गांव में पानी की लाइन डाल दी गई है। इसके बाद न तो टंकी बनाई गई और न ही पानी सप्लाई के लिए बोर किया गया। शिकायत करने पर इंजीनियर और पंचायत सचिव हमेशा यही कहते हैं कि जल्द काम पूरा होगा। जबकि सालों से पानी के लिए इतंजार करना पड़ रहा है। -मदन सिंह, रहवासी, बैरसिया