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‘द केरल स्टोरी’ को टैक्स फ्री करने संबंधी कोई प्रस्ताव नहीं : गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा

भोपाल। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने गुरुवार को कहा कि ‘द केरल स्टोरी’ को टैक्स फ्री करने संबंधी अभी कोई प्रस्ताव नहीं आया है, आएगा तो जरूर बताएंगे। इसके साथ ही डॉ. मिश्रा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि कई खबरों में कहा गया था कि प्रदेश के विभिन्न वर्गों ने इस फिल्म को प्रदेश में टैक्स फ्री किए जाने की सरकार से मांग की है।

संस्कृति बचाओ मंच ने दी चेतावनी

संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ पर कांग्रेस के विरोध करने पर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर इस फिल्म का विरोध किया जाएगा तो संस्कृति बचाओ मंच और हिंदूवादी संगठन मिलकर इसका मुकाबला करेंगे। कांग्रेसियों की मानसिकता इससे समझ आती है कि किस प्रकार से मुस्लिमों को खुश करने का प्रयास करते हैं। केरल स्टोरी में लव जिहाद की जो घटनाएं हुई हैं, उनका पर्दाफाश किया गया है और जो लड़कियां आज तक गायब हैं उनको दिखाया गया है।

चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि इस पर विरोध की क्या आवश्यकता है ? अगर आप विरोध करोगे तो फिल्म को संस्कृति बचाओ मंच सनातन धर्मियों को टॉकीज में फ्री दिखाएगा। संस्कृति बचाओ मंच ने सभी सनातन धर्म को हिंदू वादियों से मांग की है कि इस फिल्म का अधिक से अधिक प्रचार करें और फिल्म को अधिक से अधिक देखें। संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की है कि वे इस फिल्म को टैक्स फ्री करें।

एमपी में ‘द केरल स्टोरी’ को टैक्स फ्री करे सरकार

‘द केरल स्टोरी’ फिल्म को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री करने की मांग को लेकर बीजेपी के प्रदेश मंत्री राहुल कोठारी ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। लव जिहाद के खतरों से जागरुक करने और बच्चियों के कल्याण के लिए फिल्म को कर मुक्त करने की मांग की गई है।

द केरल स्टोरी’ हेट स्पीच का ही स्वरूप है : केके मिश्रा

कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ को लेकर कहा कि सरकार की मानसिकता विकृत हो चुकी है, विक्षिप्त लोगों की पहचान के रूप में तबदील हो चुकी है। जो सरकार संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए है, जिसकी इन लोगों ने शपथ ली है। यदि वास्तव में संवैधानिक मूल्यों पर काम कर रहे हैं, तो इसे टैक्स फ्री कर लेंगे। इसके प्रसारण पर मुख्यमंत्री रोक लगा रहे हैं, अन्यथा माना जाएगा कि यह भी हेट स्पीच का ही पार्ट है। प्रदेश की सर्वोच्च न्यायालय इन मुद्दों को लेकर गंभीर है। तो सत्ता से जुड़े लोग सांप्रदायिक क्यों परोस रहे हैं, समाज का विघटन क्यों स्वीकार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री को उत्तर देना चाहिए।

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