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Arvind Kejriwal Verdict : अरविंद केजरीवाल को मिलेगी बेल या जेल…? आज सुप्रीम कोर्ट गिरफ्तारी समेत इस मामले में सुनाएगी फैसला

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा शराब नीति घोटाले के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर हाईकोर्ट आज अपना फैसला सुनाएगा। उच्च न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड की गई वाद लिस्ट के मुताबिक, न्यायमूर्ति स्वर्ण कांत शर्मा मंगलवार दोपहर इस मामले में 2.30 बजे आदेश सुनाएंगे।

अरविंद केजरीवाल को बेल या जेल ?

केजरीवाल वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद हैं, उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में अपनी बाद की रिमांड को भी चुनौती दी है। प्रवर्तन निदेशालय और केजरीवाल की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने 3 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट में बहस के दौरान केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने उनकी गिरफ्तारी को ‘स्क्रिप्टेड’ बताया था। इसी के साथ उन्होंने गिरफ्तारी की टाइमिंग पर भी सवाल उठाए थे।

राउज एवेन्यू कोर्ट में भी आज फैसला

ईडी ने याचिका का विरोध किया और दलील दी कि केजरीवाल आने वाले चुनावों के आधार पर गिरफ्तारी से छूट का दावा नहीं कर सकते, क्योंकि कानून उनमें और आम जनता में कोई फर्क नहीं करती। आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट भी केजरीवाल की उस याचिका पर अपना फैसला सुनाने वाली है, जिसमें उन्होंने अपने वकीलों से मिलने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है।

21 मार्च को गिरफ्तार हुए थे केजरीवाल

ईडी ने लगभग दो घंटे की पूछताछ के बाद अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को उनके आधिकारिक आवास से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें शुक्रवार (22 मार्च) को राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया और पूछताछ के लिए 10 दिनों की रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने छह दिन की रिमांड दी। 28 मार्च को केजरीवाल की रिमांड अवधि खत्म हुई।

जेल से जारी कर चुके दो आदेश

केजरीवाल अब तक जेल से दो आदेश भी जारी कर चुके हैं।

पहला आदेश : केजरीवाल ने पहला सरकारी आदेश 24 मार्च को जल मंत्रालय के नाम जारी किया था। उन्होंने जल मंत्री आतिशी को निर्देश दिया था कि, दिल्ली में जहां पानी की कमी है, वहां टैंकरों का इंतजाम करें।

दूसरा आदेश : केजरीवाल ने दूसरा सरकारी आदेश 26 मार्च को स्वास्थ्य मंत्रालय के नाम जारी किया था। उन्होंने निर्देश दिए थे कि, मोहल्ला क्लिनिक में गरीबों के लिए दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। लोगों को मुफ्त जांच और दवाई मुहैया कराई जाए।

पत्नी सुनीता ने पढ़कर सुनाया केजरीवाल का मैसेज

शनिवार दोपहर केजरीवाल की पत्नी सुनीता ने वीडियो मैसेज में केजरीवाल का संदेश पढ़कर सुनाया। 3 मिनट 21 सेकंड के इस संदेश में कहा गया कि अब तक मैंने बहुत संघर्ष किया है, आगे भी मेरी जिंदगी में बड़े संघर्ष लिखे हैं। AAP कार्यकर्ताओं से अपील है कि मेरी गिरफ्तारी की वजह से भाजपा वालों से नफरत न करें।

पहली बार किसी सीएम की हुई गिरफ्तारी

यह पहला ऐसा मामला है जब किसी मुख्यमंत्री को पद पर रहते हुए ही गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले जो भी सीएम किसी आरोप के कारण जांच या फिर गिरफ्तारी के दायरे में आए थे, उन्होंने अपने पद से पहले ही इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले झारखंड के पूर्व CM हेमंत सोरेन को ED ने गिरफ्तार किया था। सोरेन ने ED की हिरासत में राजभवन जाकर इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में अब दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को लेकर की सवाल खड़े हो रहे हैं।

क्या है पूरा मामला ?

दिल्ली में केजरीवाल की सरकार में डिप्टी सीएम रहे मनीष सिसोदिया ने 22 मार्च 2021 को नई शराब नीति का ऐलान किया था। 17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति यानी एक्साइज पॉलिसी 2021-22 लागू कर दी गई। नई शराब नीति लागू करने के बाद सरकार शराब के कारोबार से बाहर आ गई और शराब की पूरी दुकानें निजी हाथों में चली गई। नई नीति लाने के पीछे सरकार का तर्क था कि इससे माफिया राज खत्म होगा और सरकार का रेवेन्यू में बढ़ेगा। नई नीति से रेवेन्यू में 1500-2000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई थी।

नई पॉलिसी में कहा गया था कि दिल्ली में शराब की कुल दुकानें पहले की तरह 850 ही रहेंगी। हालांकि, नई नीति शुरू से ही विवादों में रही। जब बवाल ज्यादा बढ़ गया, तब 28 जुलाई 2022 को सरकार ने नई शराब नीति रद्द कर फिर पुरानी पॉलिसी लागू कर दी। मामले में सीबीआई को जांच ट्रांसफर दी गई। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा एंगल आने पर इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की एंट्री हो गई। उसके बाद से AAP के कई सीनियर नेता और उनके करीबी सहयोगी जांच एजेंसी के निशाने पर आ गए।

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