
धर्म डेस्क। क्या आपको पता है कि धार्मिक स्थलों के गुंबद पिरामिड जैसे नुकीले क्यों होते हैं, कैसे प्राकृतिक दुर्घटनाओं से बचाते हैं पिरामिड और क्यों खराब नहीं होतीं पिरामिड में रखी चीजें? पीपुल्स अपडेट में जानिए पिरामिड के चमत्कारिक राज…
शक्ति और ऊर्जा का केंद्र पिरामिड एक त्रिकोणीय गुंबदनुमा आकृति है जिसमें सकारात्मक ऊर्जा के संचय की अद्भुत क्षमता होती है। इसके आसपास होने से ऊर्जा से भरपूर शुद्ध वायु मिलती है और शांति का अनुभव होता है। प्राचीनकाल से ही मिस्त्र के निवासी पिरामिड के शक्ति संचय के इस रहस्य को जानते थे। इसलिए अपने मृत राजा रानियों के शरीर को उन्होंने सदियों से पिरामिड में संरक्षित करके रखा है।
पिरामिड का प्रयोग करने के और भी कई लाभ हैं…
दुर्घटना से बचाव-
दुर्घटना से बचाने में पिरामिड चमत्कारी रूप से लाभकारी है। इसे दो पहिया या चार पहिया वाहन में रखने से दुर्घटना की स्थिति बनने पर पिरामिड सही निर्णय लेने में मदद करता है। इससे निकलने वाली सकारात्मक ऊर्जा चालक को एकाग्रता के साथ गाड़ी चलाने में मदद करती है।
एकाग्रता और स्मरण शक्ति-
एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने में मिरामिड बहुत मदद करता है। इसके लिए एक आसान प्रयोग करें, चावल के ऊपर पिरामिड रख दें और गणपति मंत्र का जाप करें। बाद में इन्हीं चावलों से बनी खीर खाएं, पढ़ाई के समय बच्चों को पिरामिड पहनाएं या उनकी कुर्सी के नीचे पिरामिड लगाएं। इससे पढ़ा हुआ याद रहेगा वहीं उनकी बुद्धि का भी विकास होगा।
आंखों की रोशनी-
आंखों की शक्ति और दृष्टि क्षमता बढ़ाने के लिए एक पानी भरे पात्र में पिरामिड रखें। बाद में उस पानी से अपना चेहरा और आंखें धोएं। इससे आंखों की रोशनी बढ़ती है, वहीं चेहरे पर भी चमक आती है।
आर्थिक संपन्नता-
वास्तु के मुताबिक व्यापार में वृद्धि और आर्थिक संपन्नता के लिए शुभ समय में पिरामिड लाएं, मां लक्ष्मी के मंत्रों से पिरामिड की पूजा करके उसे ईशान कोण या उत्तर दिशा में रख दें। इससे व्यवसाय में वृद्धि होगी।
व्यावसायिक लाभ-
ऑफिस या फैक्ट्री के रिसेप्शन पर पिरामिड रखें तो इसका सकारात्मक प्रभाव यहां होने वाले हर काम पर पड़ता है और कई व्यावसायिक लाभ मिलते हैं। ऑफिस के बीच किसी खास स्थान पर रखा पिरामिड वहां काम करने वाले कर्मचारियों के बीच सहयोग की भावना लाता है।
शत्रु नाश-
यदि ताम्र धातु से बने पिरामिड को बगलामुखी मंत्र से अभिमंत्रित करके दक्षिण दिशा में रख दें और शत्रु के नाम का उच्चारण करें और दीपक जलें। इससे शत्रु नाश में बहुत मदद मिलती है, इसके अलावा आकस्मिक रूप से घटने वाली किसी भी दुर्घटना में पिरामिड हमारी रक्षा करता है।
रोग मुक्ति-
बीमार व्यक्ति को पिरामिड की मदद से बीमारियों से मुक्ति और राहत मिलती है। शरीर के जिस अंग में बीमारी हो उसमें पिरामिड को बांधना चाहिए और पिरामिड में रखा जल पीना चाहिए। इससे व्यक्ति जल्दी निरोगी हो जाता है। पिरामिड को उत्तर दक्षिण दिशा में रखें तो दांत दर्द, गठिया, पुराना दर्द, वनस्पतियों की वृद्धि पर सूक्ष्म और तीव्र प्रभाव पड़ता है। इसमें रखा पानी पीने से पाचन रोग काफी हद तक दूर होते हैं। इसमें रखा जल त्वचा पर लगाने से झुरिये मिटती हैं, घाव ठीक होते हैं, तनाव से छुटकारे के साथ नई स्फूर्ति, शांति और ऊर्जा का संचार होता है।
ऊर्जा संतुलन-
जनरेटर, वाशिंग मशीन, फ्रिज जैसे भारी इलेक्ट्रिक सामानों से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रिक उर्जा उत्पन्न होती है, जो मानसिक अशांति और कई प्रकार के वास्तु दोष पैदा करती है। पिरामिड इन सभी ऊर्जा वस्तुओं में संतुलन बनाता है।
नकारात्मक-
वास्तु के अनुसार दरवाजे या बालकनी में भी पिरामिड रख सकते हैं। इसे इस तरह रखें कि ये किसी को दिखाई न दें, यहां पर रखा पिरामिड बाहर से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा को खुद में समाहित कर लेता है।
पिरामिड को कहीं भी रखें, इसे नियमित रूप से साफ करते रहें। पिरामिड को उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध के प्रभाव को जानकर बनाया गया है। इसका भूचुंबकीय और ब्रह्मांडीय तरंगों से विशिष्ट संबंध हैं। रामिड में प्रकाश, ऊर्जा और जलवायु का प्रवाह संतुलित रूप में रहता है। जिससे कोई भी वस्तु विकृत रूप में नहीं रहती, पिरामिड अमरता की विद्या है क्योंकि इससे बढ़ती उम्र भी रुक जाती है।
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