
उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार सुबह उज्जैन स्थित प्राचीन श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर में सपत्नीक दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान अंगारेश्वर का दुग्धाभिषेक एवं जलाभिषेक कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
पूजा-अर्चना के दौरान मंदिर के पुजारी मनीष उपाध्याय एवं रोहित गुरु ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने गौसेवा भी की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि रवि सोलंकी, बहादुर सिंह बोरमुंडला, अभय यादव सहित कई अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
उज्जैन का खगोलीय और धार्मिक महत्व
पूजा के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा के दौरान उज्जैन के ऐतिहासिक और खगोलीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “उज्जैन न केवल भगवान महाकाल की नगरी और भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण खगोलीय केंद्र भी है।” उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, “प्राचीन काल में जब सौर मंडल के ग्रहों की संरचना हो रही थी, उस दौरान एक खगोलीय घटना में पृथ्वी से एक उल्का पिंड टूटकर मंगल ग्रह का निर्माण हुआ था। इसलिए मंगल को पृथ्वी पुत्र माना जाता है और इस घटना का स्थान उज्जैन ही माना जाता है।”
वर्षों से कर रहे अंगारेश्वर महादेव के दर्शन
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अंगारेश्वर महादेव मंदिर 84 महादेवों में से एक है और इसका विशेष धार्मिक महत्व है। उन्होंने यह भी बताया कि वे वर्षों से अंगारेश्वर महादेव के दर्शन करने आ रहे हैं और इस पावन नगरी में निवास करने का अपना अलग ही आनंद है। पूजन और दर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह लगभग 10:30 बजे हेलिकॉप्टर से भोपाल के लिए रवाना हो गए।
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