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कटनी जिले की पिपही नदी में हो रहा बगैर अनुमति के रेत का उत्खनन

राजस्व, माइनिंग, पुलिस और वन विभाग के जिम्मेदार रोक लगाने में नाकाम

कटनी। बांधवगढ़ नेशनल पार्क बफर जोन एरिया से निकलने वाली जीवन दायिनी पिपही नदी में बगैर अनुमति के रेत का उत्खनन चल रहा है। मनमाने तरीके से नदी की बीच धार से रेत निकाली जा रही है और बाजार में महंगे दामों पर बेची जा रही है। जाजागढ़ गांव के दौलत मिश्रा, बहादुर सिंह, रमेश सिंह, रामकृपाल सिंह, पवन चौधरी, गणेश मिश्रा, कुंजी सिंह, पंकज सिंह आदि ने बताया कि बांधवगढ़ नेशनल पार्क की सीमा क्षेत्र से निकलने वाली नदी से रेत का अवैध उत्खनन धनलक्ष्मी मर्चेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। माफिया लगभग एक साल से रेत का अवैध उत्खनन कर नदी के अस्तित्व को खत्म कर रहे हैं। नदी खाई में तब्दील हो गई है, वहीं जलीय जीव भी नष्ट हो गए हैं। बताया गया कि नाबालिग बच्चे भी ट्रैक्टर में रेत भरते देखे जा सकते हैं।

माफिया दे रहे जेल भेजने की धमकी

जाजागढ़ के दर्जनों निवासियों ने मीडिया के सामने दबी जुबान में बताया कि धनलक्ष्मी ठेकेदार के गुर्गे वाहनों में आकर गांव के अंदर गुंडागर्दी करते हैं। रेत के अवैध उत्खनन की शिकायत व विरोध करने पर गांव के लोगों के साथ मारपीट कर जेल भेजने की धमकी देते हैं। दौलत मिश्रा, गणेश मिश्रा आदि ने बताया कि कई लोगों के ऊपर फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया है।

वाहनों की धमा-चौकड़ी से क्षेत्र में दुर्घटना की आशंका

नदी से रात-दिन ट्रैक्टर वाहन रेत लेकर बस्ती के अंदर से निकलते हैं। वहीं बच्चे स्कूल के सामने व बस्ती में खेलते रहते हैं, जिनसे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कई लोग रेत से भरे वाहन से दुर्घटना का शिकार भी हो चुके हैं।

शासन को खुलेआम पहुंचाई जा रही है क्षति

ग्रामीणों ने बताया कि रेत माफिया प्रति ट्रैक्टर के हिसाब से 4000 का पिट- पास 10 रुपए के नोट में देकर शासन को खुलेआम क्षति पहुंचा रहे हैं। यहां एनजीटी के निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं, लेकिन राजस्व, माइनिंग, पुलिस और वन विभाग के जिम्मेदार रेत के अवैध उत्खनन पर रोक लगाने में नाकाम हैं।

जंगल से बस्ती में दस्तक दे रहे पार्क के वन्य प्राणी

बांधवगढ़ नेशनल पार्क से सटे बफर जोन एरिया जाजागढ़ की पिपही नदी के आसपास बड़ी संख्या मे जंगली जानवरों का मूवमेंट बना रहता है। रेत भरे वाहनों की धमा-चौकड़ी से वन्य प्राणी जंगल छोड़कर बस्ती की ओर पहुंच जाते हैं, जिससे उनके जीवन पर भी खतरा मंडरा रहा है।

इनका कहना है

इस प्रकार के मामलों में किसी भी प्रकार का वर्जन देने के लिए हम अधिकृत नहीं हैं। -शरद सिंह, स्थानीय मैनेजर, धनलक्ष्मी रेत कंपनी

रिपोर्ट मंगाई जाएगी

पटवारी को भेजकर मौके पर जांच कराते हुए रिपोर्ट मंगाई जाएगी। माइनिंग अधिकारी को रिपोर्ट भेजकर आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाएगा। अवैध उत्खनन पर कार्रवाई की जाएगी। -नीतिन पटेल, तहसीलदार, बरही

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