Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

दीपावली से पहले इंदौर में बिजली कटौती : 21 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चलेगा मेंटेनेंस,1580 मेगावाट तक पहुंच सकती है मांग

दीपावली से पहले इंदौर में बिजली कटौती का अलर्ट! 21 अक्टूबर से 5 नवंबर तक शहर के अलग-अलग इलाकों में सुबह तीन घंटे तक बिजली बंद रह सकती है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ग्रिड, ट्रांसफार्मर और लाइनों का मेंटेनेंस करेगी। दीपावली पर बिजली की अधिकतम मांग 1580 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। निर्बाध आपूर्ति के लिए कर्मचारियों की 24 घंटे ड्यूटी रहेगी।
दीपावली से पहले इंदौर में बिजली कटौती : 21 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चलेगा मेंटेनेंस,1580 मेगावाट तक पहुंच सकती है मांग
AI GENERATED

इंदौर। दीपावली के त्योहार पर शहरवासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। मानसून के बाद बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने और त्योहार के दौरान बढ़ने वाली बिजली की मांग को देखते हुए शहर के ग्रिड, ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनों का विशेष मेंटेनेंस किया जाएगा। इसके लिए 21 अक्टूबर से 5 नवंबर तक अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में सुबह के समय करीब तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद रखी जा सकती है।कंपनी का उद्देश्य मेंटेनेंस के जरिए बिजली व्यवस्था में मौजूद तकनीकी खामियों को दूर करना है, ताकि दीपावली के पांच दिवसीय पर्व के दौरान अचानक बिजली गुल होने की समस्या से बचा जा सके। मेंटेनेंस का काम शहर के पांचों बिजली संभागों में किया जाएगा।

ये भी पढ़ें: दशहरे पर इंदौर में मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे शस्त्र पूजन, धार में कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदगी

15 दिन तक अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली कटौती

पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 21 अक्टूबर से 5 नवंबर तक बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम किया जाएगा। इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में निर्धारित समय के लिए बिजली आपूर्ति बंद रखी जाएगी। सुबह के समय होने वाली कटौती करीब तीन घंटे तक रह सकती है।मेंटेनेंस के दौरान बिजली के तारों और कंडक्टर की जांच की जाएगी। इसके साथ ही ग्रिड के जंपर, छोटी-बड़ी बिजली लाइनों और ट्रांसफार्मरों से जुड़े जरूरी कार्य किए जाएंगे। मानसून के दौरान बिजली नेटवर्क में आई तकनीकी समस्याओं को दूर करना भी इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।इस काम में शहर के पांचों संभागों की टीमों के साथ एसटीसी और एसटीएम के कर्मचारी भी जुटेंगे। अलग-अलग क्षेत्रों में मेंटेनेंस का कार्यक्रम तय कर काम पूरा किया जाएगा।

ये भी पढ़ें: IAF ने लेह से दिल्ली एयरलिफ्ट किया गंभीर रूप से बीमार मरीज, खराब मौसम में रातभर चला रेस्क्यू मिशन

दीपावली पर बढ़ सकती है बिजली की मांग

दीपावली के दौरान घरों, दुकानों, बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बिजली की खपत बढ़ जाती है। रोशनी, सजावट और अन्य गतिविधियों के कारण बिजली वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसे देखते हुए कंपनी पहले से ही ग्रिड और लाइनों की क्षमता तथा तकनीकी स्थिति की जांच कर रही है।इंदौर शहर के अधीक्षण यंत्री मनेंद्र गर्ग के अनुसार, दीपावली के दौरान बिजली की अधिकतम मांग 1580 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। इसी को ध्यान में रखकर मेंटेनेंस और अन्य जरूरी तैयारियां की जा रही हैं।त्योहार के दौरान बिजली आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए कर्मचारियों की 24 घंटे ड्यूटी लगाई जाएगी। किसी भी क्षेत्र में तकनीकी खराबी आने पर तत्काल सुधार कार्य किया जा सकेगा।

ये भी पढ़ें: पांढुर्णा के MPL ग्राउंड में लगी हाईमास्ट लाइट, अब रात में भी खेल सकेंगे खिलाड़ी

141 ग्रिड और 550 फीडर लाइनों का नेटवर्क

  शहर में बिजली वितरण व्यवस्था बड़े नेटवर्क के माध्यम से संचालित होती है। यहां 33/11 केवी के 141 ग्रिड और 11 केवी की 550 फीडर लाइनें बिजली आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।इतने बड़े नेटवर्क को व्यवस्थित रखने के लिए समय-समय पर मेंटेनेंस जरूरी होता है। दीपावली से पहले होने वाले अभियान में ग्रिड, ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनों से संबंधित कार्य पूरे किए जाएंगे। हालांकि, इस दौरान उपभोक्ताओं को कुछ समय के लिए बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है।कंपनी की कोशिश है कि निर्धारित समय में जरूरी काम पूरा कर लिया जाए, ताकि त्योहार के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका कम रहे।

ये भी पढ़ें: रायपुर के उरला में Porwal Tar Products फैक्ट्री में फिर भड़की आग, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

सवा चार लाख उपभोक्ताओं को 19 करोड़ रुपये की सब्सिडी

इंदौर जिले के सवा चार लाख से अधिक घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को अटल गृह ज्योति योजना के तहत करीब 19 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है।योजना के अंतर्गत पात्र उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक बिजली खपत पर 100 रुपये का बिल देना होता है। शेष राशि का भुगतान शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में किया जाता है। इससे पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत मिलती है।दीपावली से पहले बिजली नेटवर्क का मेंटेनेंस और उपभोक्ताओं को दी जा रही सब्सिडी, दोनों ही बिजली व्यवस्था से जुड़ी अहम तैयारियों का हिस्सा हैं। अब शहरवासियों की नजर इस बात पर रहेगी कि निर्धारित अवधि में मेंटेनेंस का काम किस तरह पूरा किया जाता है और त्योहार के दौरान बिजली आपूर्ति कितनी सुचारू बनी रहती है।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...

Latest Posts