भोपालमध्य प्रदेश

गला काटने वाले इंजीनियर की बेटी बोली- पापा ने सर्दी-खांसी की दवा के धोखे खिलाई थी नींद की गोलियां

भोपाल में 27 अगस्त की रात बेरोजगार इंजीनियर ने बेटा-बेटी का गला काटा था, पत्नी के साथ खुद जहर पीया था

भोपाल। बेरोजगार इंजीनियर के आत्महत्या और बेटे-बेटी का कटर से गला काटने के मामले में 5 दिन बाद बेटी गुंजन ने तहसीलदार के सामने पुलिस को बयान दिए। लड़की का कहना था कि पापा ने सर्दी-खांसी की दवा के धोखे उसे नींद की गोलियां खिलाई थी। पापा ने पहले से ही पानी में गोलियां मिलाकर रखी थी। मैंने मना किया तो वे बोले कि सर्दी-खांसी हो रही है इसलिए खा लो। जल्दी ठीक हो जाओगी।

पापा की जिद पर उसने रात करीब 9 बजे वो पानी पी लिया। इसके बाद गहरी नींद में सो गई। सुबह हल्की नींद खुली तो देखा कि गले में दर्द हो रहा है और ब्लड भी निकल रहा है। मैं चौंकी और उठकर देखा कि भैया (चिराग) बगल में खून से लथपथ पड़े हैं। इस मामले में एक दिन पहले मंगलवार को गुंजन की मां रंजना ठाकरे ने मिसरोद थाने में इंजीनियर पति रवि ठाकरे के खिलाफ हत्या और हत्या की कोशिश समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया है।

बाप-बेटे की मौत हो गई थी, मां-बेटी अस्पताल में भर्ती

दरअसल, 27 अगस्त की रात मिसरोद स्थित सहारा मल्टी स्टेट में निवासी इंजीनियर रवि ठाकरे ने बेटे चिराग, बेटी गुंजन को नींद की गोलियां खिलाकर खुद पत्नी रंजना के साथ जहर पी लिया था। इसके बाद टाइल्स कटर से बेटे, बेटी का गला काट दिया था। बेटे चिराग की मौत हो गई थी। रवि ने भी दम तोड़ दिया था। जबकि बेटी गुंजन और पत्नी रंजना को हमीदिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर्स का कहना है कि बच्ची की हालत में मामूली सुधार हुआ है। उसे रिकवर करने में वक्त लगेगा।

जो पति कहते गए, मैं करती गई: पत्नी

रवि की पत्नी रंजना का कहना था कि आर्थिक तंगी की वजह से तनाव में चल रही है। पति जो कहते गए, वह करती गई। उसे यह नहीं पता था कि वह क्या करने वाले हैं। उन्होंने टाइल्स कटर और कीटनाशक लाने के बारे में भी नहीं बताया। रात में दोनों ने जहर पीया था। मुझे होश नहीं रहा। इसके बाद उसे नहीं पता कि पति ने क्या किया। रात करीब 2 बजे नींद खुली तो बच्चों के शरीर से खून बहता देखकर डर गई थी। इसके बाद बेसुध हो गई। सुबह 7 बजे पड़ोसी अजय अरोरा के घर जाकर जानकारी दी। उन्होंने पुलिस को बताया। पति बेरोजगारी थे। घर में आर्थिक तंगी चल रही थी। इसकी वजह से वह भी तनाव में थे।

बिजली गुल होने से बच गई थी गुंजन की जान

पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार रात रवि ने बेटा का गला काटने के बाद बेटी गुंजन के गले पर कटर चलाया तो बिजली चली गई। थोड़ी देर इंतजार किया, इसके बाद रवि की भी जहर खाने की वजह से तबीयत बिगड़ गई। मुंह से झाग आने लगा और वह बेहोश हो गया। बेटी के गले में कटर की गहरी चोट है। गुंजन का हमीदिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसकी हालत स्थिर बनी हुई है। डॉक्टर्स का कहना है कि रिकवर करने में वक्त लगेगा।

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