
धार। जिले के मनावर में दिनदहाड़े नगर पालिका के एक कर्मचारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। नगर पालिका में पदस्थ सहायक ग्रेड 3 महेंद्र त्रिवेदी को गोली लगने के तत्काल बाद इलाज के लिए मनावर के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया, जहां गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए बड़वानी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बड़वानी में उपचार के दौरान महेंद्र त्रिवेदी ने दम तोड़ दिय़ा। हादसे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस के आला अफसर मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी लगते ही SP मनोज कुमार सिंह भी मनावर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना कर आरोपी को पकड़ने के निर्देश अफसरों को दिए।
#धार : मनावर नगर पालिका के कर्मचारी #महेंद्र_त्रिवेदी की दिन दहाड़े हत्या, पुत्र को नौकरी पर नही रखने के कारण पिता ने मारी गोली, पुलिस ने 2 घंटे में आरोपी को पकड़ा, मौके पर पहुंचे जिले के SP, देखें #VIDEO #Dhar @collectordhar @SP_DHAR_MP #Crime #Murder@MPPoliceDeptt #MPNews… pic.twitter.com/fp30QNUe2w
— Peoples Samachar (@psamachar1) February 20, 2024
दिनदहाड़े दफ्तर में आया और मार दी गोली
इस हत्याकांड के पीछे जो कहानी सामने आई है, वह बेहद चौंका देने वाली है। असल में हत्या की इस वारदात को नरेंद्र पंवार ढोली नाम के शख्स ने अंजाम दिया है। मंगलवार को दोपहर 12 बजे मनावर नगर पालिका में पदस्थ महेंद्र त्रिवेदी अपनी आवक-जावक शाखा के ऑफिस में बैठे थे कि अचानक आरोपी नरेंद्र आया और महेंद्र त्रिवेदी के सीने पर देसी कट्टा रखकर गोली मार दी। आरोपी इससे पहले कि दूसरी गोली चला पाता, नगर निगम के कर्मचारियों ने बीच-बचाव किया और आरोपी को धक्के मारकर ऑफिस से भगा दिया। इसके बाद कर्मचारी घाय़ल महेंद्र त्रिवेदी को लेकर तत्काल शासकीय अस्पताल ले गए। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बड़वानी रेफर कर दिया।
बेटे की नौकरी न लगने के कारण की हत्या
गोली कांड की घटना लगते ही मनावर SDOP धीरज बब्बर, TI कमलेश सिंघार मामले की जांच में जुट गए। आरोपी नरेंद्र पंवार को 2 घंटे में ही पुलिस ने पकड़ लिया। इस हत्य़ा के पीछे जो वजह बताई जा रही है, वह बेहद चौंका देने वाली है। असल में आरोपी नरेंद्र अपने बेटे की नगर पालिका में नौकरी लगाने के लिए लंबे समय से महेंद्र त्रिवेदी को बोल रहा था, जिसे लगभग लगभग 4 महीने पहले नौकरी से हटा दिय़ा गया था। नरेंद्र इसी बात से नाराज था और आखिरकार उसने इस वारदात को अंजाम दे दिया।
(इनपुट – सुनील राठौर)