
मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले के मावलिननॉन्ग स्थित एपिफेनी चर्च में एक विवादास्पद घटना सामने आई है। चर्च के अंदर धार्मिक नारे लगाने और उसकी पवित्रता का अपमान करने के आरोप में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आकाश सागर और उसके दो दोस्तों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
क्या है आरोप
आरोप है कि आकाश सागर ने चर्च के वेदी क्षेत्र में “जय श्री राम” के नारे लगाए और ईसाई भजनों के बदले हुए संस्करण गाए। इस घटना का वीडियो उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया, जहां उसके 1.5 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं। साथ ही, यूट्यूब पर उसके 40 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं।
इन्फ्लुएंसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज
वीडियो वायरल होने के बाद शिलांग के एक नागरिक ने लैतुमखरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि यह सब जानबूझकर किया गया और इसका उद्देश्य न केवल ईसाई धर्म का अपमान करना था, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द को भी बिगाड़ना था। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की अतिक्रमण, सार्वजनिक शांति भंग करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से जुड़ी धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।
इन्फ्लुएंसर आकाश ने दी सफाई
एफआईआर दर्ज होने के बाद आकाश सागर ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। अब हटाए जा चुके एक पोस्ट में उसने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “जय श्री राम कहने के लिए एफआईआर?” उसने शिकायत को अनुचित ठहराते हुए इसे देशद्रोह जैसा बताया। इसके अलावा, आकाश ने कर्नाटक हाई कोर्ट के एक फैसले का हवाला दिया, जिसमें एक मस्जिद के अंदर धार्मिक नारे लगाने के मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई खारिज कर दी गई थी।
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