
नई दिल्ली। सैन फ्रांसिस्को की यात्रा के दौरान आपको हुई असुविधा के लिए एयर इंडिया ने मांगी माफी और अपनी उड़ान में 30 घंटे की देरी के बाद एयर इंडिया टीम ने यात्रियों को पूरा किराया वापस कर देंगे की घोषणा है। साथ ही भविष्य की यात्रा के लिए वाउचर भी प्रदान करेंगे।
एयर इंडिया के पत्र में उल्लेख किया गया है, “कृपया सैन फ्रांसिस्को की यात्रा के दौरान आपको हुई असुविधा के लिए हमारी ईमानदारी से क्षमा-याचना स्वीकार करें। हम पूरी तरह से समझते हैं कि पिछले 24 घंटे कठिन थे और इस अवधि के दौरान आपके धैर्य के लिए धन्यवाद। आपकी सुरक्षा हमारे लिए हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। रूस के क्रास्नोयार्स्क अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एहतियाती लैंडिंग करने के हमारे पायलटों के निर्णय पर हमारा मुख्य विचार आपकी सुरक्षा और शासन है।”
एयर इंडिया प्रदान करेगा वाउचर
एयरलाइंस ने यह भी कहा कि उनकी प्राथमिकता यात्रियों को जल्द से जल्द सैन फ्रांसिस्को पहुंचाना था और इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों के सहयोग से राहत उड़ान भेजी। एयर इंडिया की तरफ से पत्र में लिखा गया, हालांकि हम आपके द्वारा झेले गए अनुभव को मिटा नहीं सकते, लेकिन अपने पछतावे को व्यक्त करने के लिए, हम आपकी यात्रा का पूरा किराया वापस कर देंगे और आपको एयर इंडिया पर भविष्य की यात्रा के लिए एक वाउचर प्रदान करेंगे।
तकनीकी कारण से डायवर्ट करना पड़ा था विमान
दरअसल, सैन फ्रांसिस्को के लिए एयर इंडिया की उड़ान नई दिल्ली से उड़ान भरने के लगभग 30 घंटे बाद तकनीकी कारण से रूस के क्रास्नोयार्स्क अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर डायवर्ट होने के बाद यह अमेरिकी शहर के एयरपोर्ट पर सुरक्षित रूप से उतर गई। फ्लाइट AI-183 को 18 जुलाई को तकनीकी कारण से रूस के क्रास्नोयार्स्क अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (UNKL) की ओर मोड़ दिया गया था।
एयर इंडिया के पास एयरपोर्ट पर नहीं था स्टाफ
इसके बाद शनिवार को अपने अंतिम अपडेट में एयर इंडिया ने घोषणा की कि उड़ान जिसे अब AI-1179 के रूप में पुनः बैज किया गया है, सैन फ्रांसिस्को में सुरक्षित रूप से पहुंच गई है। पैसेंजर और क्रू मेंबर को उतार दिया गया और आगे की प्रक्रियाओं के लिए टर्मिनल बिल्डिंग में ले जाया गया। चूंकि एयर इंडिया के पास क्रास्नोयार्स्क अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अपना स्टाफ नहीं था, इसलिए उन्होंने यात्रियों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए तीसरे पक्ष के समर्थन की व्यवस्था की।