
अमेरिका में पढ़ रही भारतीय छात्रा रंजनी श्रीनिवास का वीजा रद्द कर दिया गया है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने उन पर आरोप लगाया है कि वो ‘हिंसा-आतंकवाद को बढ़ावा देने’ और हमास का समर्थन करने वाली गतिविधियों में शामिल है। इसके बाद छात्रा ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी से नाम वापस लेते हुए अमेरिका छोड़ दिया है।
देश में रहने की अनुमति नहीं- DHS सेक्रेटरी
DHS के अनुसार, रंजनी को F1 स्टूडेंट वीजा के तहत कोलंबिया यूनिवर्सिटी में अर्बन प्लानिंग में PhD करने का एडमिशन मिला था। लेकिन 5 मार्च को अमेरिकी विदेश विभाग ने उनका वीजा रद्द कर दिया। इसके बाद, 11 मार्च को रंजनी ने खुद ही अमेरिका छोड़ दिया। DHS सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति हिंसा या आतंकवाद का समर्थन करता है, तो उसे अमेरिका में रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
कोलंबिया यूनिवर्सिटी के खिलाफ ट्रम्प की कार्रवाई
कुछ समय पहले ट्रंप ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी से 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर के अनुदान को रद्द कर दिया। सरकार ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी यहूदी छात्रों के खिलाफ हो रहे उत्पीड़न को रोकने में नाकाम रही। इस कार्रवाई को अमेरिकी शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग, न्याय विभाग और सामान्य सेवा प्रशासन की जॉइंट टास्क फोर्स ‘टू कॉम्बैट एंटी-सेमिटिज्म’ ने अंजाम दिया।
साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि जो यूनिवर्सिटीज यहूदी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करेंगी और विरोध-प्रदर्शनों को बढ़ावा देंगी, उन्हें संघीय वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी। इस बीच, कोलंबिया यूनिवर्सिटी ज्यूडिशियल बोर्ड ने गाजा को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हैमिल्टन हॉल पर कब्जा करने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की।