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गुजरात में 48 साल बाद मंडरा रहा साइक्लोन का खतरा, आइए जानते हैं कौन से क्षेत्र होंगे इससे प्रभावित

गुजरात में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण जामनगर और वडोदरा समेत कई शहरों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। इसी बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुजरात में साइक्लोन को लेकर चेतावनी जारी की है। डीप डिप्रेशन की वजह से अरब सागर के ऊपर साइक्लोन बन रहा है। इसका असर गुजरात को सीधे प्रभावित कर सकता है।

10 पॉइंट्स में जानिए साइक्लोन और इसके असर के बारे में

  1. साइक्लोन के दौरान 65 से 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
  2. इसकी वजह से गुजरात में आज और कल भारी बारिश होने की उम्मीद है।
  3. गुजरात से बीते 80 सालों में चौथी बार यह साइक्लोन गुजरेगा।
  4. आईएमडी के मुताबिक, इस साइक्लोन का असर गुजरात के अमरेली, भावनगर, देवभूमि द्वारका, गिर सोमनाथ, जामनगर, जूनागढ़, पोबंदर, राजकोट, मोरबी और कच्छ जिलों में देखने को मिल सकता है।
  5. इससे पहले साल 1944, 1964 और 1976 में दुर्लभ मौसम देखने को मिला था।
  6. गुजरात तटवर्तीय क्षेत्रों से होते हुए साइक्लोन पाकिस्तान की तरफ जा सकता है।
  7. अभी तक जिस वजह से गुजरात में बारिश हो रही थी, वह जमीन के ऊपर बना डीप डिप्रेशन था। जो सौराष्ट्र और कच्छ के ऊपर मौजूद था।
  8. यह धीरे-धीरे अब पश्चिम से दक्षिण की तरफ बढ़ रहा है।
  9. मौसम वैज्ञानिकों के लिए बदलते मौसम की स्टडी करने का यह एक अच्छा मौका होगा।
  10. मौसम विभाग ने बताया कि, 1976 के बाद अरब सागर के ऊपर विकसित होने वाला यह पहला साइक्लोन होगा।

क्या होता है चक्रवात

हवाओं के बदलते हुए चक्र को साइक्लोन कहते हैं। इसके सेंटर में निम्न वायुदाब (Low Air Pressure) और बाहर उच्च वायुदाब (High Air Pressure) होता है। आसान भाषा में कहें तो हवा बड़े पैमाने पर कम दबाव वाले क्षेत्र के चारों तरफ घूमती है। इसके कारण अक्सर भारी बारिश होती है।

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