पुणे। देश की पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को खराब तबीयत के चलते महाराष्ट्र के पुणे शहर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, उन्हें चेस्ट इन्फेक्शन के साथ बुखार हुआ था, जिसके बाद 89 वर्षीय पूर्व राष्ट्रपति को बुधवार शाम भारती अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनका इलाज चल रहा है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर है।
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24 फरवरी 2023 को हुआ था पति का निधन
पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के पति देवीसिंह शेखावत का 24 फरवरी 2023 को दिल का दौरा पड़ने से 89 साल की उम्र में निधन हो गया था। पत्नी प्रतिभा पाटिल के दो बच्चे हैं- एक बेटा और एक बेटी। पाटिल भारत की राष्ट्रपति के रूप में सेवा करने वाली पहली महिला हैं। वह 2007 से 2012 तक शीर्ष संवैधानिक पद पर रहीं।
भारत के इतिहास की पहली महिला राष्ट्रपति
प्रतिभा पाटिल का नाम भारत के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। प्रतिभा देवी सिंह पाटिल आजाद भारत के इतिहास की पहली महिला राष्ट्रपति थीं। टेबल टेनिस की शानदार खिलाड़ी रह चुकीं प्रतिभा पाटिल जब देश के सर्वोच्च पद पर आसीन हुईं, तो वह हर महिला के लिए प्रेरणा बन गईं। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाली प्रतिभा पाटिल को मैक्सिको के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। देश के किसी भी क्षेत्र, पद, जिम्मेदारी को महिलाएं बखूबी संभाल सकती हैं, ये प्रतिभा पाटिल ने साबित किया।
'कॉलेज क्वीन' का मिला खिताब
प्रतिभा देवी सिंह पाटिल का जन्म महाराष्ट्र के जलगांव जिले में 19 दिसंबर, 1934 को हुआ था। उन के पिता नारायण राव भी एक राजनेता थे। प्रतिभा पाटिल की शुरुआती शिक्षा जलगांव में ही हुई। इसके बाद पाटिल ने मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से वकालत की पढ़ाई की। प्रतिभा पाटिल कॉलेज के दिनों में काफी सुंदर हुआ करती थीं। उन दिनों उन्हें 'कॉलेज क्वीन' का खिताब तक मिला था। साल 1965 में उनकी शादी प्रोफेसर देवीसिंह रणसिंह शेखावत से हुई। शादी के बाद उनका नाम प्रतिभा देवीसिंह पाटिल हो गया।
प्रतिभा पाटिल का राजनीतिक करियर
प्रतिभा पाटिल राजनीति में आने से पहले क समाज सेविका की तरह कार्य करती थीं। वा अपने निर्मल स्वभाव के लिए जानी जाती थीं। 27 साल की उम्र में उन्होंने राजनीति में कदम रखा। महाराष्ट्र के ही जलगांव सीट से प्रतिभा पाटिल ने विधानसभी सदस्य का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। लगातार चार बार प्रतिभा पाटिल ने मुक्ति नगर विधानसभा से कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की और एमएलए बनी रहीं। साल 1967-72 के बीच प्रतिभा पाटिल महाराष्ट्र सरकार में उप मंत्री और 1972 से 1974 तक समाज कल्याण मंत्री रहीं। इसके अलावा उन्होंने दूसरे मंत्रालय का पदभार भी संभाला।
प्रतिभा पाटिल कैसे बनीं राष्ट्रपति
प्रतिभा पाटिल 1986 से 1988 तक राज्यसभा उपसभापति के पद पर रहीं। प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने 1991 के चुनाव में अमरावती लोकसभा सीट पर जीत दर्ज कराई। बाद में 2004 से 2007 तक राजस्थान की राज्यपाल रहीं। 2007 में यूपीए ने प्रतिभा देवी सिंह पाटिल को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया। उनका मुकाबला सामने भैरोसिंह शेखावत थे, जिन्हें प्रतिभा पाटिल ने लगभग 3 लाख वोट से हरा दिया। प्रतिभा देवीसिंह पाटिल 25 जुलाई 2007 को देश की पहली महिला राष्ट्रपति बनीं।
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