
भोपाल। राज्य विधानसभा में सत्र के दौरान अपने क्षेत्र के साथ विभिन्न विभागों से जुड़े सवाल पूछने में भाजपा विधायक सबसे आगे हैं। 15वीं विधानसभा में 29 हजार से अधिक सवाल किए गए। इनमें सिलवानी के विधायक रामपाल सिंह के सबसे अधिक 390 प्रश्न हैं और दूसरे नंबर पर मंदसौर विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया हैं। जबकि छिंदवाड़ा से विधायक कमलनाथ और भोजपुर के सुरेंद्र पटवा के खाते में एक भी प्रश्न नहीं है। सदन में उपस्थित रहने के मामले में भी भाजपा विधायक आगे हैं। सर्वाधिक सवाल पूछने वाले शीर्ष 5 विधायकों में विपक्ष के एक विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ही स्थान बना सके। विधानसभा चुनाव की इस गहमागहमी के बीच एडीआर (ऐसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स) ने बुधवार को 15वीं विधानसभा के विधायकों के प्रदर्शन एवं कार्यों का लेखाजोखा प्रस्तुत किया है। एडीआर और मप्र इलेक्शन वॉच ने सूचना के अधिकार के तहत विधानसभा सचिवालय से जानकारी जुटाई।
नगरीय और ग्रामीण विकास पर रहा फोकस
रिपोर्ट के अनुसार ज्यादातर विधायकों ने सवाल पूछने के लिए शहरी विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास के साथ राजस्व एवं स्कूल शिक्षा पर फोकस किया। भाजपा विधायकों ने अपने क्षेत्र के विकास पर ज्यादा सवाल किए तो कांग्रेस विधायकों ने भ्रष्टाचार सहित अन्य गड़बड़ियों को प्राथमिकता पर रखा। इस पूरी विधानसभा की कुल अवधि में 29 हजार 484 प्रश्न पूछे गए। 15वीं विधानसभा में कुछ 140 बिल पेश किए गए। इनमें 127 बिल बहुमत के आधार पर पारित किए गए।
सवाल करने में ये विधायक रहे सबसे पीछे
- एक भी सवाल नहीं : मनोज चौधरी भाजपा, हुकुम सिंह कराड़ा कांग्रेस, सुरेंद्र पटवा भाजपा, कमलनाथ कांग्रेस, देव सिंह सरयाम भजपा, डॉ.शिशुपाल यादव भाजपा।
- एक सवाल: अमर सिंह चितरंगी भाजपा, कांतिलाल भूरिया, टामलाल सहारे, रनवीर जाटव कांग्रेस।
- दो सवाल करने वाले: सुलोचना रावत, नारायण पटेल, कमलेश शाह, सुनीता पटेल कांग्रेस। (11 एवं 12 जुलाई की बैठकों का डिटेल शामिल नहीं)
अपने क्षेत्र की जनता का खयाल रखा
सिलवानी क्षेत्र की जनता ने मुझे इस उम्मीद से विधायक बनाया कि मैं उनकी आवाज सदन में उठाऊं। यही कारण है कि क्षेत्र से जुड़ी समस्याएं और विकास को लेकर विधानसभा में सवाल पूछे। मैंने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया । -रामपाल सिंह, विधायक, भाजपा