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नुक्कड़ से मंत्रालय तक एक ही टॉकिंग पॉइंट… क्या है रिपोर्ट ?

मतदान के बाद से हर चौपाल, हर बैठक और हर गुमठी में विधानसभा चुनाव परिणाम ही चर्चा का विषय

भोपाल। राजधानी में विधानसभा की तलहटी में बसे विधायकों के विश्रामगृह के पास स्थित चाय की दुकान। यहां आसपास कई निजी दफ्तर हैं और दुकानें हैं। एक संचार कंपनी के कामगार युवा यहां सुबह शाम देखे जा सकते हैं। युवाओं के बीच होने वाली यह राजनीतिक चर्चा बताती है कि मतदान से मतगणना के बीच का यह पखवाड़ा न केवल राजनीतिज्ञ, राजनीतिक दलों और उनसे जुड़े लोगों के लिए कठिन साबित हो रहा है बल्कि हर आम- ओ-खास, हर मिलने जुलने वालों से पूछ रहा है क्या लग रहा है, रिपोर्ट क्या है..भैया निकल जाएंगे या मामला फंसा है। यह सवाल चाय की दुकान से चौक-चौराहों की चर्चाओं से लेकर अफसरों और रिश्तेदारों की बातचीत का अहम हिस्सा बना है।

अफसरों के बीच भी यही बड़ी चिंता : मंत्रालय में एक प्रमुख सचिव ने तो एक-एक सीट को लेकर जिज्ञासा दिखाई। उन्होंने जिलों में भी फोन करके पूछा। एक अन्य सरकारी एजेंसी के अफसर ने भी मीडिया के प्रतिनिधियों से रुझान लिया।

दिनभर एक ही बात हो रही है..सुन-सुन के पक गए

मालवीय नगर में चाय की दुकान के संचालक सचिन कुमार और उनके कर्मचारी 10 दिन से यही सुन रहे हैं..इतनी वोटिंग बढ़ गई, इतनी कम हो गई..क्या चल रहा है..चेंज होगा, कि वही सरकार रहेगी। इसी दुकान का एक कर्मचारी कहता है भैया हम तो सुन-सुन के पक गए जो जिसकी कहता है उसकी हां कर लेते हैं। चाय की चर्चा में एक युवक ने कहा ‘देखो भाई इस बार मामला बुरी तरह फंसा हुआ, कल ही हरदा में काकाजी से बात हो रही थी..वो कह रहे थे कुछ समझ नहीं आ रहा।’

सोशल मीडिया पर यही सवाल

फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स आदि प्लेटफॉर्म पर भी यही सवाल उड़ान भर रहा है। सोमवार को ही एक यूजर ने सवाल किया तीन दिसंबर को क्या होगा? एक यूजर अभिषेक ने लिखा कि बहनों के भरोसे भाजपा, कांग्रेस भगवान भरोसे। वसीम ने लिखा कोई खुशी मनाएगा और कोई दुख, जनता जहां है वहीं की वहीं रहेगी और सभी वापस अपने काम में लग जाएंगे।

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