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डोनाल्ड ट्रंप की ताजपोशी आज : अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में लेंगे शपथ, टूटेंगे कई रिकॉर्ड

वॉशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप आज (20 जनवरी) को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। इस बार ऐसा बहुत कुछ हो रहा है, जो दशकों में नहीं हुआ। जैसे की यह शपथ ग्रहण समारोह अमेरिकी संसद के कैपिटल रोटुंडा हॉल में होगा। भारतीय समयानुसार सोमवार रात 10.30 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा। अमेरिका के चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स उन्हें पद की शपथ दिलाएंगे। उनके साथ जेडी वेंस उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। पहली बार शपथ ग्रहण में विदेशी मेहमान शामिल होंगे।

शपथ ग्रहण के बाद ट्रंप व्हाइट हाउस में कई कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर करेंगे। ट्रंप ने शपथ लेने से पहले कहा कि, वे टिकटॉक को अमेरिका में प्रतिबंधित नहीं होने देंगे और यह शर्त रखी कि टिकटॉक को अपना 50% बिजनेस अमेरिका को बेचना होगा।

शपथ से पहले ट्रंप की विक्ट्री रैली

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति बनने से पहले एक विक्ट्री रैली की। शपथ ग्रहण से एक दिन पहले उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि, वह यूक्रेन में युद्ध को खत्म करेंगे और पश्चिम एशिया में अराजकता को रोकने के लिए काम करेंगे। इसके अलावा, उन्होंने अवैध प्रवासियों को बाहर करने के लिए आक्रामक अभियान चलाने का वादा किया।

ट्रंप ने अपने समर्थकों से यह भी कहा कि वह देश के सामने आने वाले हर संकट का समाधान तेजी से करेंगे। ‘कैपिटल वन एरिना’ स्टेडियम में आयोजित “मेक अमेरिका ग्रेट” कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।

ट्रंप ने कहा, “आप लोग पहले ही ऐसे परिणाम देख रहे हैं, जिनकी उम्मीद किसी ने नहीं की थी। इसे ‘ट्रंप प्रभाव’ कहा जा रहा है, लेकिन यह आपके प्रभाव का नतीजा है।” 78 वर्षीय ट्रंप ने पिछले साल के आम चुनाव में उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को हराया और चार साल बाद राष्ट्रपति पद पर वापसी की।

पूर्व राष्ट्रपति के रिकॉर्ड की करेंगे बराबरी

अमेरिका की राजनीति में व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद 4 साल के अंतराल से वापसी करना बेहद कठिन माना जाता है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप इस मुश्किल को आसान बना कर इतिहास रचने जा रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप आज शपथ लेने के बाद दूसरी बार राष्ट्रपति के तौर पर अमेरिका की कमान संभालेंगे। इसके साथ ही वो एक पूर्व राष्ट्रपति के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे।

ग्रोवर क्लीवलैंड पहले ऐसे राष्ट्रपति थे, जिन्होंने व्हाइट हाउस से 4 साल बाहर होने के बाद जोरदार वापसी का 131 साल पहले रिकॉर्ड बनाया था। वह 1885 से 1889 और फिर 1893 से 1897 तक राष्ट्रपति रहे। अब ट्रंप दूसरे ऐसे नेता हैं, जिन्होंने 4 साल बाद राष्ट्रपति पद पर फिर से काबू पाया है। ट्रंप इससे पहले 2016 से 2020 तक राष्ट्रपति थे और अब फिर से शपथ लेने जा रहे हैं।

1985 के बाद इनडोर हो रहा शपथ समारोह

डोनाल्ड ट्रंप का शपथ ग्रहण इस बार भी एक रिकॉर्ड बनेगा। पिछली बार ट्रंप ने खुले आसमान के नीचे शपथ ली थी, लेकिन इस बार ठंड के कारण शपथ ग्रहण अमेरिकी संसद के अंदर कैपिटल रोटुंडा हॉल में होगा। 40 साल बाद ऐसा पहली बार हुआ है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह की जगह में बदलाव किया गया हो। आखिरी बार 1985 में पूर्व रिपब्लिकन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के शपथ ग्रहण के समय भी तेज ठंड के चलते यह समारोह इनडोर हुआ था। उस समय तापमान -23 से -29 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। ट्रंप के शपथ ग्रहण के दिन वाशिंगटन में तापमान -7 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है। ट्रंप ने कहा कि ठंड की वजह से उन्होंने उद्घाटन भाषण और अन्य समारोहों को कैपिटल रोटुंडा में आयोजित करने का निर्णय लिया है।

शामिल होंगे कई दिग्गज

जानकारी के मुताबिक, अमेरिका में आज दोपहर 12 बजे और भारतीय समयानुसार रात साढ़े 10 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा। शपथ समारोह इसलिए भी खास है क्योंकि अमेरिका के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा जब विदेशी नेताओं को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है। इनमें अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, इक्‍वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ, अल सल्‍वाडोर के राष्‍ट्रपति नईब बुकेले, ब्राजील के पूर्व राष्‍ट्रपति जायर बोल्‍सोनारो और पोलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री मातेज मोराविक शामिल हैं। इसके अलावा चीन की ओर से उपराष्ट्रपति हान झेंग शपथ ग्रहण में शिरकत करेंगे।

भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर से लेकर रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता अंबानी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे।

सजा पाने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बने ट्रंप 

डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी इतिहास में सजा पाने वाले पहले राष्ट्रपति बन गए हैं। उन्हें 10 दिसंबर को पोर्न स्टार को पैसे देकर चुप कराने के मामले में 34 आरोपों पर सजा सुनाई गई। हालांकि, न्यूयॉर्क की मैनहट्टन कोर्ट ने उन्हें जेल भेजने के बजाय बिना शर्त बरी कर दिया। ट्रंप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए और सजा सुनाते वक्त कोर्ट रूम में 4 बड़ी स्क्रीन पर दिखे। जज ने उनके दूसरे कार्यकाल की सफलता की कामना की। यह सजा केवल सांकेतिक है, जिसमें न तो जेल होगी और न जुर्माना, लेकिन ट्रंप राष्ट्रपति पद की शपथ अपराधी के रूप में लेंगे।

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