
उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन से चौंकाने वाली खबर सामने आई है। महाकाल मंदिर के पुरोहित मंगेश शर्मा के 17 वर्षीय बेटे मयंक की मौत हो गई है। बेटे मयंक ने कल रंगपंचमी के दिन चल समारोह में तलवार से प्रदर्शन किया था। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है। सूचना मिलने के बाद से महाकाल मंदिर के पुजारियों में शोक की लहर छा गई है।
रात में सोया फिर उठा नहीं…
जानकारी के मुताबिक, कल यानी कि रंगपंचमी की शाम को बाबा महाकाल के ध्वज चल समारोह की तैयारी चल रही थी। मंदिर के पुरोहित का बेटा मंयक भी मंदिर पहुंच गया था। ध्वज पूजन के बाद गेर शुरू होने के पहले मंयक ने सभा मंडप में तलवार घूमाकर अपनी कलाबाजी का प्रदर्शन भी किया। इसके बाद वह गैर में शामिल हो गया। बताया जा रहा है कि गेर के दौरान ही मयंक को घबराहट हुई थी। इसे सामान्य मानकर वह जूस पीकर फिर गेर में शामिल हो गया। गेर के गुदरी चौराहे पर पहुंचने पर मंयक की तबीयत फिर बिगड़ी, इसके बाद वह खत्रीवाड़ा स्थित निवास पर पहुंच गया। मयंक रात करीब 10 बजे घर पहुंचा और सो गया। इसके बाद वह सुबह उठा नहीं। साइलेंट अटैक से मयंक की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। डॉक्टर्स का मानना है कि तेज आवाज से बज रहा बैंड भी अटैक का कारण हो सकता है।
दो बहनों का लाड़ला था मयंक
मंयक के दोस्त माधव शर्मा ने बताया मंयक दो बहनों में इकलौता भाई था। दोनों बहनों का लाड़ला मंयक अक्षत कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा 10वीं का छात्र था। माधव ने बताया कि बाबा महाकाल की गेर को लेकर मयंक बहुत उत्साहित था। गेर के लिए उसने नए कपड़े भी खरीदे थे। घटना के बाद से दोनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।