‘आपका पार्सल आया है, OTP बताइए’… ये कॉल कहीं ठगी का जाल तो नहीं?

साइबर फ्रॉड का तरीका लगातार बदल रहा है और अब ठग डिलीवरी कॉल के जरिए भी लोगों को जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। कई बार फोन करने वाला खुद को डिलीवरी एजेंट बताकर कहता है कि आपके नाम से कोई पैकेज आया है। इसके बाद पार्सल रद्द करने के नाम पर OTP मांगा जाता है। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित ने कोई सामान मंगाया ही नहीं होता। ऐसी स्थिति में एक छोटी सी गलती बैंक खाते और डिजिटल पेमेंट को खतरे में डाल सकती है।
बिना ऑर्डर के पार्सल का फोन
एक मामले में महिला को कॉल कर बताया गया कि उसके नाम से कैश ऑन डिलीवरी पैकेज आया है। फोन करने वाले ने दावा किया कि पैकेज कैंसिल करने के लिए OTP जरूरी है। महिला ने अपने शॉपिंग ऐप में जाकर ऑर्डर चेक किया, लेकिन वहां कोई बुकिंग नहीं मिली। इसके बावजूद कॉल करने वाला लगातार कैंसिलेशन कोड मांगता रहा। महिला ने जल्दबाजी में OTP बता दिया। बाद में परिवार से चर्चा करने पर उन्हें ठगी का शक हुआ और उन्होंने तुरंत बैंकिंग से जुड़ी सुरक्षा जानकारी बदल दी।
भारत में Honda की पहली इलेक्ट्रिक SUV 0 Alpha जल्द होगी लॉन्च, टेस्टिंग के दौरान दिखी झलक
इनाम के लालच से भी शुरू होता खेल
साइबर ठग सिर्फ पार्सल का बहाना नहीं बनाते। एक महिला ने स्किनकेयर वेबसाइट से करीब चार हजार रुपये की खरीदारी की थी। इसके बाद उन्हें फोन कर बताया गया कि वह आईफोन जीत सकती हैं। कॉल करने वाले ने भरोसा बनाने की कोशिश की और फिर पैसे भेजने को कहा। महिला ने रकम ट्रांसफर नहीं की। यह मामला बताता है कि आकर्षक इनाम के नाम पर पहले भरोसा कायम किया जा सकता है और बाद में पैसे या निजी जानकारी मांगी जा सकती है।
पढ़े-लिखे लोग भी हो रहे शिकार
साइबर ठगी से बचने के लिए सिर्फ डिजिटल जानकारी होना पर्याप्त नहीं है। आईआईटी मद्रास के शोधकर्ताओं की स्टडी में भी सामने आया कि पढ़े-लिखे और डिजिटल रूप से अनुभवी लोग भी ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में फंस सकते हैं। ठग अक्सर डर, लालच और जल्दबाजी का इस्तेमाल करते हैं। अचानक आई कॉल में व्यक्ति सही तरीके से जांच किए बिना फैसला ले सकता है।
शिकायतें तेजी से बढ़ीं
गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ी 65.89 लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं। इन मामलों में 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रकम शामिल थी। 2021 में शिकायतों की संख्या करीब 2.62 लाख थी, जो 2025 में बढ़कर 24.02 लाख हो गई।
OTP मांगें तो तुरंत सावधान
अगर आपने कोई सामान ऑर्डर नहीं किया है और फिर भी डिलीवरी के नाम पर कॉल आती है, तो कोई OTP साझा न करें। बैंकिंग पासवर्ड, UPI PIN या कार्ड से जुड़ी जानकारी भी फोन पर न दें। संदिग्ध लिंक से दूरी रखें और जरूरत पड़ने पर संबंधित ऐप या कंपनी के आधिकारिक माध्यम से जानकारी जांचें। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें और बैंकिंग पासवर्ड व जरूरी पिन बदल दें।




















