
पंजाब सरकार के एक विधायक-एक पेंशन बिल को मंजूरी मिल गई है। इसी के साथ यह कानून लागू हो गया है। वहीं पंजाब सरकार की तरफ से भी नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्वीट करते हुए यह जानकारी दी है। अब तक व्यक्ति जितने बार विधायक बनता था, उतने बार की अलग-अलग पेंशन जोड़ी जाती थी।
जनता के टैक्स का बचेगा पैसा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्वीट कर बताया, ‘मुझे पंजाबियों को यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि माननीय राज्यपाल जी ने “एक विधायक-एक पेंशन” वाले बिल को मंजूरी दे दी है…सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इससे जनता का बहुत टैक्स बचेगा।’
अब एक बार ही मिलेगी विधायकों को पेंशन
इस बिल के मुताबिक, अब से विधायकों को केवल एक कार्यकाल के लिए ही पेंशन मिलेगी। अब तक व्यक्ति जितने बार भी विधायक बनता था, उतने बार की अलग-अलग पेंशन जोड़कर दी जाती थी। एक विधायक को एक कार्यकाल के लिए 75 हजार रुपए की पेंशन मिलती है। इसके बाद आगे चलकर हर कार्यकाल के लिए अलग 66 प्रतिशत पेंशन राशि मिलती है। वर्तमान समय में 250 से ज्यादा पूर्व विधायकों को पेंशन मिल रही है।
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प्रत्येक विधायक को कितनी मिलेगी पेंशन
पंजाब सरकार ने 11 अगस्त को एक विधायक, चाहे वह कितनी ही टर्म तक विधायक रहा हो, को एक पेंशन देने संबंधी नोटिफिकेशन जारी किया था। पंजाब के राज्यपाल द्वारा इस अधिनियम को मंजूरी मिलने के बाद, पंजाब सरकार ने अब एक अधिसूचना जारी की है। इसके अनुसार, दी पंजाब स्टेट लेजिसलेचर मैंबर्स (पेंशन व मेडिकल फैसिलीटीज रेगुलेशन) एक्ट 1977 के सेक्शन 3 की उपधारा (1) के लिए बदली गई उपधारा अब इस प्रकार होगी-
- सदस्य के तौर पर रहे प्रत्येक व्यक्ति को 60000 रुपए प्रति माह पेंशन और उस पर मंहगाई भत्ता (जो पंजाब सरकार के पेंशनरों पर लागू होता है) का भुगतान किया जाएगा। भले ही उस व्यक्ति ने सदस्य के तौर पर कितनी ही टर्म निभाई हों और भले ही पंजाब विधानसभा के कितने ही कार्यकाल हो, जिसमें उस व्यक्ति ने एक सदस्य के रूप में सेवा निभाई हो।
- अगर कोई व्यक्ति, जोकि सदस्य के तौर पर सेवा निभाते हुए 65 साल, 75 साल और 80 साल का हो जाता है, तो ऐसी उम्र का होने पर वह आरंभिक पेंशन में क्रमश: 5 प्रतिशत, 10 प्रतिशत और 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी का हकदार होगा।