
नई दिल्ली। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी से खुदरा (रिटेल) महंगाई दर जुलाई में घटकर 3.54 प्रतिशत पर आ गई। पिछले करीब पांच साल में यह पहला मौका है, जब मुद्रास्फीति भारतीय रिजर्व बैंक के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे आई है। सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा महंगाई इस साल जून में 5.08 प्रतिशत थी, जबकि बीते साल जुलाई में यह 7.44 प्रतिशत थी।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों के अनुसार, खाद्य वस्तुओं की महंगाई जुलाई में 5.42 प्रतिशत रही। यह जून में 9.36 प्रतिशत थी। इससे पहले, खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर, 2019 में चार प्रतिशत के नीचे रही थी।
औद्योगिक उत्पादन बढ़ा
देश का औद्योगिक उत्पादन जून के महीने में खनन और बिजली क्षेत्रों के अच्छे प्रदर्शन की वजह से 4.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। पिछले साल जून में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 4 प्रतिशत रही थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जून के महीने में निर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 2.6 प्रतिशत रही, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 3.5 प्रतिशत थी। खनन क्षेत्र 10.3 प्रतिशत की दर से बढ़ा जबकि बिजली क्षेत्र की वृद्धि दर 8.6 प्रतिशत रही।