
भोपाल। राजस्व विभाग ने रविवार को मप्र के 53वें जिले मऊगंज जिले के गठन के आदेश रविवार को जारी कर दिए। नया जिला मऊगंज, हनुमना और नईगढ़ी तहसील को मिलाकर बनाया गया है। इसके साथ ही सरकार ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति कर दी है। अजय श्रीवास्तव को कलेक्टर और वीरेंद्र जैन को एसपी बनाया गया है। अन्य अधिकारियों की नियुक्ति इसी सप्ताह होगी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 4 मार्च को मऊगंज को जिला बनाने और 15 अगस्त को राष्ट्र ध्वज फहराने की घोषणा की थी। नए जिले के लिए शुक्रवार को कैबिनेट ने कलेक्टर, अपर कलेक्टर सहित 96 पद सृजित करने की सहमति दे दी थी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पिछले माह नागदा को भी जिला बनाने की घोषणा कर चुके हैं।
6 घंटे में कलेक्टर बदला
सरकार ने शाम पांच बजे संचालक, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं, सोनिया मीना को मऊगंज का कलेक्टर बनाने का आदेश दिया था। इसके ठीक 6 घंटे बाद इस आदेश को बदलते हुए अदिवासी विकास विभाग में अपर आयुक्त तथा मप्र अनुसूचित जाति-जनजाति वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध संचालक अजय श्रीवास्वव को मऊगंज का कलेक्टर बनाया गया। इसके पीछे की वजह आगामी विस चुनाव माना जा रहा है।
इनको होगा लाभ
मऊगंज तहसील मुख्यालय रीवा से करीब 70 किमी दूर है। जिला मुख्यालय बनने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और तीनों तहसीलों का जिलामुख्यालय पा ही आ जाएगा।
राजनीतिक फायदे
जिला बनने से यहां राजनीति ध्रुवीकरण हो जाएगा। इसका फायदा विस अध्यक्ष गिरीश गौतम को मिलेगा। जिले में दो विधानसभा क्षेत्र देवतालाब व मऊगंज हैं। दोनों पर भाजपा का कब्जा है।
20 साल में ऐसे बढ़े मप्र में जिले, अब 53 हुई संख्या
- अनूपपुर, बुरहानपुर और अशोकनगर का गठन 2003 में किया गया। इसके बाद मप्र में 48 जिले हो गए थे।
- आलीराजपुर और सिंगरौली दो नए जिलों का गठन किया गया था। इसके बाद 50 जिले हो गए थे।
- शाजापुर से अलग कर आगर-मालवा का गठन 2013 में किया गया था।
- टीकमगढ़ से अलग कर निवाड़ी को 2018 में नया जिला बनाया गया था। इस तरह से मप्र में 52 जिले हो गए थे।
- मऊगंज जिले के गठन का आदेश 13 अगस्त को जारी किया गया। अब मप्र में 53 जिले हैं।