
दीपावली धन-धान्य की संपन्नता, शुभता और स्वास्थ्य की कामना का पर्व है। मां लक्ष्मी और गणेश जी से यह कामना हम अपने लिए ही नहीं, सबके लिए करते हैं। जब हम ऐसी कामना करते हैं तो ऐसा हो ही नहीं सकता कि हमारे पड़ोस में, परिचितों के यहां अभावों के चलते अंधियारा हो। आइए, हम सब प्रण करें कि इस दिवाली किसी घर में अंधियारा नहीं होगा, कोई बच्चा उदास नहीं होगा। सबकी संपन्नता और स्वास्थ्य की कामना करते हुए अगर हमें किसी घर में दीयों की रोशनी नहीं दिखे, हसरतों से आतिशबाजी देखते बच्चों के चेहरे उदास हों, तो उन घरों में खुशियों के दीप जलाना है और उदास बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना है।
आप देखेंगे कि ऐसे अंधियारे घरों में हमारे द्वारा जलाए गए दीप उन लोगों को खुशी, आनंद और शांति देंगे। ऐसे लोगों के चेहरे पर जो मुस्कान आएगी, वो हमें भी खुशी देगी। इसलिए हम सभी को जितना भी बन सके, उसके अनुरूप हर व्यक्ति को खुशियों वाली दिवाली मनवानी है। आपकी एक छोटी सी कोशिश किसी को बड़ी खुशी दे सकती है। हम नहीं जानते कि इससे ईश्वर खुश होंगे या नहीं, पर ऐसे लोगों के चेहरे पर आई मुस्कान से हमें भी खुशी और आत्मसंतुष्टि मिलेगी। हर किसी के लिए हमारी यही कामना है कि सुख-समृद्धि आपके आंगन में झिलमिलाएं। खुशियों के दीपक हर घर में जगमगाएं।