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अब पब्लिक प्लेस पर बिना अनुमति वीडियो बनाने पर जा सकते हैं जेल

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत कलेक्टर ने जारी किया पहला आदेश

ग्वालियर। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रुचिका चौहान ने देश के नए कानून के अंतर्गत पब्लिक प्लेस पर किसी भी तरह की वीडियोग्राफी, रील शूटिंग, फोटोग्राफी पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत ग्वालियर जिले का पहला प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। उल्लंघन किया तो संबंधित के खिलाफ भारतीय न्याय संस्था 2023 की धारा-223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, बीते कुछ दिनों में शहर के अलग-अलग स्थानों पर इन्फ्लुएंसर/यूट्यूबर ने रील शूट की हैं। जिन स्थानों पर ये रील शूट हुई हैं, उनमें कलेक्ट्रेट, बैजाताल, जल विहार, रेलवे स्टेशन आदि हैं। इन स्थानों पर बनाए गए वीडियो में युवतियां फिल्मी और अन्य गानों पर नृत्य करती दिख रही हैं। इन वीडियो को अश्लील बताते हुए शहर की एक संस्था ने एसपी से शिकायत की थी।

पहले क्या होता था

नए कानून के अस्तित्व में आने से पहले भारतीय दंड विधान की धारा-144 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए जाते थे, जबकि धारा-188 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई होती थी।

अब यह करना होगा

  • अगर किसी संगठन या व्यक्ति को वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी या फिल्मांकन करना है तो लिखित में अनुमति लेनी होगी।
  • अनुमति प्राप्त करने से पहले शूटिंग या वीडियोग्राफी का कंटेंट बताना होगा।
  • एडीएम के यहां आवेदन करने के साथ ही पुलिस अधीक्षक और एसडीएम को तीन दिन पहले सूचना देनी होगी।

जिले की छवि हो रही धूमिल

कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि सार्वजनिक स्थलों पर बिना पूर्व सूचना के कुछ लोगों द्वारा वीडियोग्राफी, रील और फोटोग्राफी आदि करने की जानकारी मिली थी। शिकायत करने वाले समाजसेवियों का कहना है कि इन लोगों को इमारत व स्थल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और सौंदर्यीकरण से कोई सरोकार नहीं रहता। बल्कि लोकप्रियता हासिल करने के लिए अमर्यादित आचरण कर फोटोग्राफी/ वीडियो रील बनाई जाती है, जिससे आमजन एवं पर्यटकों के दिल-दिमाग में ग्वालियर की छवि धूमिल होती है।

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