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Dilip Buildcon का 15,000 करोड़ निवेश प्लान, सड़क के बाद अब Solar Energy, Power Transmission और Oil-Gas में होगी एंट्री

Dilip Buildcon यानी DBL अगले 2 से 3 वर्षों में अक्षय ऊर्जा, पावर ट्रांसमिशन और तेल-गैस पाइपलाइन परियोजनाओं में करीब 15,000 करोड़ का निवेश करने की तैयारी में है।
Dilip Buildcon का 15,000 करोड़ निवेश प्लान, सड़क के बाद अब Solar Energy, Power Transmission और Oil-Gas में होगी एंट्री
DBL की नई रणनीति का केंद्र ऊर्जा से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर है। कंपनी का लक्ष्य सिर्फ सड़क निर्माण तक सीमित रहने के बजाय भारत में तेजी से बढ़ रहे ऊर्जा क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना है।

भोपाल की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Dilip Buildcon Limited यानी DBL अब अपने पारंपरिक सड़क और निर्माण कारोबार से आगे बढ़कर ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा विस्तार करने जा रही है। कंपनी अगले 2 से 3 वर्षों में करीब 15,000 करोड़ का निवेश अक्षय ऊर्जा, पावर ट्रांसमिशन और तेल एवं गैस पाइपलाइन परियोजनाओं में करने की योजना बना रही है। इस विस्तार से DBL के कारोबार को नया आकार मिलने की उम्मीद है और कंपनी एक विविधतापूर्ण राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करना चाहती है।

Dilip Buildcon का 15,000 करोड़ का निवेश प्लान क्या है?

DBL की नई रणनीति का केंद्र ऊर्जा से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर है। कंपनी का लक्ष्य सिर्फ सड़क निर्माण तक सीमित रहने के बजाय भारत में तेजी से बढ़ रहे ऊर्जा क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना है। कंपनी जिन तीन प्रमुख क्षेत्रों में निवेश करने की तैयारी कर रही है, उनमें अक्षय ऊर्जा और सौर ऊर्जा परियोजनाएं, पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क और तेल एवं गैस पाइपलाइन शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अगले दो से तीन साल के दौरान करीब 15,000 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है।

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68,000 करोड़ तक हो सकता है लाइफटाइम रेवेन्यू

DBL के इस विस्तार की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ निवेश की रकम नहीं है। कंपनी को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं से उसके लिए लगभग 68,000 करोड़ का अनुमानित लाइफटाइम रेवेन्यू पैदा हो सकता है। इसका मतलब है कि कंपनी जिन परियोजनाओं में पूंजी लगाएगी, उनसे लंबे समय तक आय हासिल करने का अवसर मिलेगा। इससे DBL के कारोबार में स्थिरता बढ़ाने और भविष्य में नए प्रोजेक्ट हासिल करने की क्षमता मजबूत हो सकती है।

मध्य प्रदेश में 6,572 करोड़ का सोलर निवेश

DBL की ऊर्जा योजना में मध्य प्रदेश की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। कंपनी के कुल करीब 15,000 करोड़ के निवेश में से लगभग 6,572 करोड़ मध्य प्रदेश में सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर खर्च किए जाने की उम्मीद है। कंपनी राज्य में दो सौर ऊर्जा परियोजनाएं विकसित करेगी। इन दोनों परियोजनाओं की कुल क्षमता करीब 2 गीगावाट बताई गई है। यह निवेश मध्य प्रदेश के लिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे राज्य में बड़े स्तर पर अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है।

2 GW Solar Projects से क्या बदलेगा?

सौर ऊर्जा की बढ़ती मांग के बीच बड़े सोलर प्रोजेक्ट राज्य की ऊर्जा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। DBL की प्रस्तावित परियोजनाएं किसानों और ग्रामीण इलाकों तक दिन के समय बिजली की उपलब्धता को बेहतर बनाने की दिशा में भी उपयोगी हो सकती हैं। कंपनी की योजना का उद्देश्य सिर्फ बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है। इसके जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि और जरूरी सेवाओं के लिए स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

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मध्य प्रदेश को संभावित फायदे

सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी, ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा आपूर्ति को मजबूती, किसानों के लिए दिन के समय बिजली की उपलब्धता में मदद, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सकती है।

सड़क निर्माण से ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर तक DBL का सफर

Dilip Buildcon की शुरुआत भोपाल से हुई और मध्य प्रदेश कंपनी की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। कंपनी ने सड़क निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के जरिए अपनी पहचान बनाई। समय के साथ DBL ने सड़क क्षेत्र के अलावा जल सिंचाई जैसे क्षेत्रों में भी काम का विस्तार किया। अब कंपनी ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर कदम बढ़ा रही है। यानी DBL का कारोबार अब सिर्फ सड़क बनाने तक सीमित नहीं रहेगा। कंपनी का नया फोकस ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर पर है, जिसकी जरूरत भारत के ऊर्जा और औद्योगिक विकास के साथ लगातार बढ़ रही है।

Power Transmission में भी बड़ा फोकस

ऊर्जा उत्पादन के साथ बिजली को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क की जरूरत होती है। DBL इसी क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रही है। देश में सौर और अन्य अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं की संख्या बढ़ने के साथ नए ट्रांसमिशन नेटवर्क की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में पावर ट्रांसमिशन को DBL की नई रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

Oil और Gas Pipeline में भी विस्तार

DBL की ऊर्जा रणनीति का तीसरा बड़ा हिस्सा तेल एवं गैस पाइपलाइन क्षेत्र है। भारत में ऊर्जा की बढ़ती जरूरतों के बीच पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरत बन चुका है। तेल और गैस को सुरक्षित और कुशल तरीके से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए पाइपलाइन नेटवर्क की बड़ी भूमिका होती है। DBL अब इसी क्षेत्र में भी अपनी निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञता का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है।

DBL के लिए क्यों खास है यह विस्तार?

DBL का ऊर्जा क्षेत्र में प्रवेश कंपनी के बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव ला सकता है। सड़क परियोजनाओं पर निर्भरता कम करने के साथ कंपनी अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अपनी मौजूदगी बढ़ा सकेगी।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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