दिग्विजय सिंह ने SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका, 20 अक्टूबर से उज्जैन-अयोध्या यात्रा

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में निजी तौर पर रिट याचिका दायर करने की जानकारी दी है। उन्होंने दावा किया कि याचिका स्वीकार कर ली गई है और चुनाव आयोग तथा केंद्रीय गृह मंत्रालय को नोटिस जारी करने के आदेश हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन उज्जैन से अयोध्या तक ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू करने का ऐलान किया है। गुरुवार को भोपाल स्थित अपने निवास पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए दिग्विजय सिंह ने SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही सीहोर जिले के कोसमी में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के मामले में न्यायिक जांच आयोग गठित करने की मांग भी रखी।
SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका
दिग्विजय सिंह ने बताया कि उन्होंने SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से रिट याचिका दायर की है। उनके मुताबिक याचिका स्वीकार कर ली गई है और चुनाव आयोग तथा गृह मंत्रालय को नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के ECINET सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) के वैधानिक अधिकार सीमित हो रहे हैं। उनका दावा है कि इस व्यवस्था से मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। दिग्विजय सिंह ने सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया केंद्रीकृत हो रही है। ये आरोप उनके बयान पर आधारित हैं; याचिका और अदालत के आदेश का विस्तृत विवरण सामने आने पर कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
20 अक्टूबर से शुरू होगी सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा
दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर उज्जैन से अयोध्या के लिए ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू करेंगे। उन्होंने बताया कि सुबह 8 बजे गणेश मंदिर और सुबह 9 बजे महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन किया जाएगा। इसके बाद कन्या भोज और भंडारे का आयोजन होगा। यात्रा दोपहर 12:30 बजे शुरू होगी। दिग्विजय सिंह के मुताबिक यात्रा में शामिल होने के लिए अब तक 1,800 लोगों ने पंजीयन कराया है। दशहरे पर महाकाल की सवारी को देखते हुए प्रशासन की ओर से निर्धारित मार्ग का पालन किया जाएगा। यात्रा को लेकर उनकी ओर से वोट चोरी और चंदा-चढ़ावा से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग भी उठाई गई है। यात्रा का उद्देश्य और इसके दौरान उठाए जाने वाले मुद्दे दिग्विजय सिंह के बयानों के आधार पर सामने आए हैं।
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वोट चोरी और चंदा चोरी के आरोपों पर जांच की मांग
दिग्विजय सिंह ने बताया कि वोट चोरी और चंदा चोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच तथा जवाबदेही की मांग को लेकर डिजिटल पिटीशन शुरू की गई है। उनके अनुसार इस अभियान के समर्थन में दो दिनों में 5,000 से अधिक मिस्ड कॉल आए हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और चंदे से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की जरूरत पर जोर दिया। इन मुद्दों पर उन्होंने जांच और जवाबदेही की मांग रखी है।
शिवराज सिंह चौहान के बयान पर भी बोले दिग्विजय
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से आदिवासी क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध किए जाने के मुद्दे पर भी दिग्विजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मुख्यमंत्री से वर्ष 2004 से अब तक बुधनी के आदिवासी क्षेत्रों में वन भूमि पर हुए कब्जों की जांच कराने की मांग की। सीहोर जिले के कोसमी में वन भूमि से अतिक्रमण हटाए जाने के मामले में दिग्विजय सिंह ने न्यायिक जांच आयोग गठित करने की मांग की। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि कार्रवाई और उससे जुड़े तथ्यों की स्पष्टता सामने आ सके।
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चुनाव प्रक्रिया और आदिवासी मुद्दे पर उठाए सवाल
भोपाल में हुई पत्रकार वार्ता में दिग्विजय सिंह ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और आदिवासी क्षेत्रों में वन भूमि से जुड़े विवादों पर अपनी बात रखी। उन्होंने SIR की प्रक्रिया में पारदर्शिता और कोसमी मामले में न्यायिक जांच की मांग की।




















