
बैतूल। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष महोत्सव और शिव महापुराण कथा का आयोजन चल रहा है। इसमें देश भर से भारी संख्या में श्रद्धालुओं पहुंच रहे हैं। वहीं रविवार को रुद्राक्ष महोत्सव में शामिल होकर नागपुर लौट रहे श्रद्धालु हादसे का शिकार हो गए। बैतूल-नागपुर नेशनल हाईवे पर मिलानपुर टोल प्लाजा के पास अचानक से मिनी बस पलट गई। बस में सवार 18 लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है।
रुद्राक्ष महोत्सव से लौट रहे थे नागपुर
जानकारी के मुताबिक, नागपुर और पुलगांव से मिनी बस में सवार होकर लोग सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम पहुंचे थे। यहां पर रुद्राक्ष महोत्सव में शामिल होने के बाद वापस नागपुर लौटते समय रविवार को सुबह मिलानपुर टोल प्लाजा के पास मिनी बस चालक एक कार को बचाने के चक्कर में नियंत्रण खो बैठा। बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे जाकर पलट गई। वहां से गुजर रहे राहगीरों ने हादसे की सूचना पुलिस और 108 एंबुलेंस को दी। इसके बाद घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे में ये हुए घायल
बस हादसे में घायल हुए श्रद्धालुओं में संदीप पिता दयाशंकर (40), प्रगति पति अंकुश (30), लक्ष्मी पति प्रकाश (52), यश (20), सुनीता पति दिलीप (52), सोमा पति हनुमान (69), नंदकिशोर पिता देवलाल (30), सीता देवी (62), सरिता पति उमेश केसरवानी (55), लखन लाल पिता मुन्ना लाल केसरवानी (62), उमेश केशरवानी (62), काजल केशरवानी (25), रानी (25), महेंद्र पिता सुकलप्रसाद (49), प्रकाश (40), दिलीप केशरवानी (66), संतोष (45), एवं राजेश (45) शामिल हैं। हादसे में जिन लोगों को मामूली चोट आई। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। जबकि, गंभीर चोट वालों का अस्पताल उपचार किया जा रहा है।
क्यों खास है इस रुद्राक्ष में ?
हिन्दू धर्म का पालन करने वालों में रुद्राक्ष का विशेष महत्व होता है। रुद्राक्ष को भगवान शिव से जोड़ कर देखा जाता है, जो भी व्यक्ति रुद्राक्ष पहनता है, उसके खराब ग्रह सुधर जाते हैं और शुभ फल देने लगते हैं। रुद्राक्ष धारण करने से दिल संबंधित बीमारियां, तनाव, चिंता, ब्लड प्रेशर आदि को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि कुबरेश्वरधाम के रुद्राक्ष भोपाल विज्ञान केंद्र और इंदौर विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक जांच के लिए गए थे। रिपोर्ट आई तो पता चला कि रुद्राक्ष में नेपाल स्थित गंडकी नदी का पानी मिला हुआ है। इसे औषधीय माना जाता है। रुद्राक्ष को पानी में डालकर रखा जाए और उस पानी को लोगों को पिला दें तो रोगी की बीमारियां दूर हो जाती हैं।
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