देवेंद्र यादव के निर्वाचन पर फिर हाईकोर्ट में सुनवाई,16 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

रायपुर/बिलासपुर: भिलाई नगर विधानसभा सीट से विधायक देवेंद्र यादव के निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को होगी। भाजपा के पराजित प्रत्याशी प्रेम प्रकाश पांडेय की ओर से दायर चुनाव याचिका में देवेंद्र यादव के नामांकन की वैधता और चुनाव प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए गए हैं। गुरुवार को हुई सुनवाई में दोनों पक्षों की सहमति के बाद हाईकोर्ट ने सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के तहत दायर आवेदन को विचार के लिए रखने का निर्देश दिया।
16 अक्टूबर को फिर होगी सुनवाई
भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के निर्वाचन से जुड़े इस मामले में हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 16 अक्टूबर की तारीख तय की है। आज हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ता कोर्ट में मौजूद रहे। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की सिंगल बेंच ने दोनों पक्षों की सहमति के बाद सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के तहत दायर आवेदन को विचार के लिए रखने का निर्देश दिया।
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प्रेम प्रकाश पांडेय ने दी है निर्वाचन को चुनौती
यह मामला भिलाई नगर विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। भाजपा प्रत्याशी और चुनाव में पराजित उम्मीदवार प्रेम प्रकाश पांडेय ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की है। याचिका के जरिए विधायक देवेंद्र यादव के निर्वाचन को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया है कि देवेंद्र यादव का नामांकन पत्र नियमों के विपरीत स्वीकार किया गया।
नामांकन प्रक्रिया पर उठाए गए सवाल
चुनाव याचिका में आरोप लगाया गया है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान आवश्यक वैधानिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके अलावा याचिकाकर्ता ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान किए गए कुछ कथित बयानों और आचरण को चुनावी भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आने का दावा किया है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम फैसला हाईकोर्ट की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।
2024 में हाईकोर्ट ने तय किए थे पांच अहम मुद्दे
इस चुनाव याचिका में हाईकोर्ट पहले ही सुनवाई के लिए पांच प्रमुख मुद्दे तय कर चुका है। 21 अगस्त 2024 को अदालत ने मामले में जिन बिंदुओं को तय किया था, उनमें देवेंद्र यादव के नामांकन पत्र की स्वीकृति और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित आरोप प्रमुख हैं।
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हाईकोर्ट के सामने ये पांच मुद्दे
1. नामांकन पत्र की स्वीकृति
क्या देवेंद्र यादव का नामांकन पत्र नियमानुसार स्वीकार किया गया था?
2. जरूरी जानकारी का खुलासा
क्या प्रत्याशी की ओर से चुनाव प्रक्रिया के दौरान आवश्यक वैधानिक जानकारी दी गई थी?
3. कथित भ्रष्ट आचरण
क्या चुनाव के दौरान ऐसा कोई आचरण किया गया, जिसे कानून के तहत भ्रष्ट चुनावी आचरण माना जा सकता है?
4. चुनाव याचिका की वैधानिकता
क्या चुनाव याचिका में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 83 की अनिवार्य शर्तों का पालन किया गया है?
5. मांगी गई राहत का अधिकार
क्या याचिकाकर्ता प्रेम प्रकाश पांडेय को याचिका में मांगी गई राहत प्रदान की जा सकती है?
अब 16 अक्टूबर पर टिकी नजर
फिलहाल हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है और अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को होनी है। इस सुनवाई में धारा 151 के तहत दायर आवेदन सहित चुनाव याचिका से जुड़े आगे के कानूनी कदमों पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। देवेंद्र यादव के निर्वाचन को चुनौती देने वाला यह मामला राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें भिलाई नगर विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया, नामांकन और कथित चुनावी अनियमितताओं से जुड़े कई कानूनी सवाल शामिल हैं।




















