
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कई घंटे की छापेमारी और पूछताछ के बाद सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली वक्फ बोर्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूछताछ के लिए ED की टीम अमानतुल्लाह के घर पहुंची थी।
सुबह 8:15 बजे से उनसे घर में ही पूछताछ और जांच की जा रही थी। 4 घंटे पूछताछ के बाद दोपहर 12.15 बजे ED अफसर उन्हें अरेस्ट करके ऑफिस ले जा रहे हैं।
विधायक ने जताई थी आशंका
इससे पहले विधायक ने दावा किया था कि ईडी के लोग उन्हें गिरफ्तार करने उनके घर पहुंचे हैं। विधायक ने ‘X’ पर पोस्ट करके कहा- मेरे घर ED के लोग मुझे गिरफ्तार करने पहुंचे हैं।
वहीं आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने जांच एजेंसी की रेड का वीडियो शेयर कर कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईडी की तानाशाही जारी है।
आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि जांच हो रही है या कॉमेडी। ध्यान से पूरा मामला पढ़िए। सीबीआई ने 2016 में वक्फबोर्ड के मामले में पर्चा दर्ज किया। अमानतुल्लाह को गिरफ्तार नहीं किया। छह साल के बाद फाइनल चार्जशीट दाखिल की गई। जिसमें कहा कि कोई आर्थिक अपराध नहीं हुआ। इसी मामले में 2020 में एसीबी और ईडी ने पर्चा दर्ज किया। एसीबी ने अमानतुल्लाह को गिरफ़्तार किया उनको जमानत मिली। उसमें भी कोर्ट ने कहा कि कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ। इसके बाद ईडी फिर भी नहीं मानी 2023 में आप विधायक के घर छापेमारी की। लेकिन यहां कुछ नहीं मिला। 2024 में 13 घंटे पूछताछ की फिर पूछताछ के लिए बुलाया तो विधायक ने सूचना दी कि मदर इन लॉ को कैंसर है। उनका ऑपरेशन हुआ है। मुझे कुछ समय दीजिए। लेकिन तानाशाह सरकार की निर्दयी ईडी छापेमारी के लिए पहुंच गई।
उनका मकसद मुझे और मेरी पार्टी को तोड़ना है
AAP विधायक अमानतुल्लाह खान ने कहा, “AAP विधायक अमानतुल्लाह खान ने वीडियो जारी कर कहा, अभी सुबह-सुबह तानाशाह के इशारे पर उनकी कटपुतली ED मेरे घर पर पहुंच चुकी है, मुझे और AAP नेताओं को परेशान करने में तानाशाह कोई कसर नहीं छोड़ रहा। ईमानदारी से अवाम की ख़िदमत करना गुनाह है? आखिर ये तानाशाही कब तक?”
अमानतुल्लाह ने वीडियो शेयर कर कहा- सर्च वारंट के नाम पर ED का मकसद सिर्फ मुझे गिरफ्तार करना है। सर्च वॉरेंट के नाम पर उनका उद्देश्य केवल मुझे गिरफ्तार करना है। मुझे ही नहीं मेरी पूरी पार्टी को तंग किया जा रहा है। उनका मकसद है केवल मुझे और मेरी पार्टी को तोड़ना है। मैंने हर नोटिस का जवाब दिया है। मुझे 2 साल ये लोग मुझे परेशान कर रहे हैं। मैं वादा करता हूं कि जो भी मेरे काम अधूरे हैं वो मेरी टीम, मेरी सरकार करवाएगी। 2016 से चल रहा यह मुकदमा पूरी तरह से फर्जी है। CBI ने खुद कहा है कि किसी भी तरह का भ्रष्टाचार या लेनदेन नहीं हुआ है। जेल भेजेंगे तो हम तैयार है। मुझे पूरा यकीन है कि पहले जैसे हमें कोर्ट से इंसाफ मिला है वैसे ही फिर हमें इंसाफ मिलेगा।
क्या है दिल्ली वक्फ बोर्ड घोटाला मामला?
दरअसल, अमानतुल्लाह खान पर वक्फ बोर्ड के बैंक खातों में ‘वित्तीय गड़बड़ी’, वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में किरायेदारी का निर्माण, वाहनों की खरीद में ‘भ्रष्टाचार’ और दिल्ली वक्फ बोर्ड में सेवा नियमों में उल्लंघन करते हुए 33 लोगों की ‘अवैध नियुक्ति’ के आरोप हैं।
कुल भर्ती में 27 लोग विधायक के करीबी : अमानतुल्लाह खान ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में वक्फ बोर्ड में कुल 33 भर्तियां की थीं। जिनमें से 32 लोगों ने नौकरी ज्वाइन की थी। इन 32 लोगों में से 22 लोग ओखला विधानसभा क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। जबकि 5 अन्य लोग अमानतुल्लाह खान के भतीजे या अन्य रिश्तेदार हैं। यानी कुल भर्ती में 27 लोग अमानतुल्लाह के करीबी हैं।
जनवरी 2020 में मामला दर्ज : इस संबंध में ACB ने जनवरी 2020 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया था। अमानतुल्लाह खान पर दिल्ली वक्फ बोर्ड का चेयरमैन रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग करने और अपने करीबियों की नियुक्तियां करने का आरोप लगा है। सीबीआई ने इसी साल मई में अमानतुल्लाह खान पर मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगी थी।
करीबियों के ठिकानों से कैश बरामद : AAP विधायक पर दिल्ली वक्फ बोर्ड के फंड का गलत इस्तेमाल किये जाने का भी आरोप है। दिल्ली वक्फ बोर्ड के तत्कालीन CEO ने इस तरह की अवैध भर्ती को लेकर बयान दिया था। जांच के दौरान अमानतुल्लाह के करीबियों के ठिकानों से कैश बरामद हुआ था। अमानतुल्लाह के करीबियों के घर पर रेड के दौरान एक डायरी भी मिली थी, जिसमें अमानतुल्लाह का देश-विदेश में करोड़ों रुपए के लेन-देन का जिक्र भी था।
बिना लाइसेंस की पिस्टल बरामद : इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सितंबर 2022 में अमानतुल्लाह से पूछताछ की थी। जिसके आधार पर चार जगहों पर छापेमारी की गई और करीब 24 लाख रुपए कैश बरामद हुआ। इसके अलावा दो अवैध और बिना लाइसेंस की पिस्टल के साथ कारतूस और गोला-बारूद भी बरामद किया गया था। जिसके बाद अमानतुल्लाह को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, उन्हें 28 दिसंबर 2022 को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
मामले में दुबई का लिंक आया सामने : सितंबर 2022 में एसीबी ने कोर्ट से कहा था कि, देश में ही नहीं, बल्कि विदेश में भी लेन-देन की आशंका है। इस मामले में दुबई का लिंक मिला है। एसीबी की तरफ से कोर्ट को एक लिस्ट भी सौंपी गई थी, जिसमें 100 से अधिक लोगों के नाम हैं जिनसे लेन-देन किया गया है।
12 नवंबर,2023 को 3 आरोपी गिरफ्तार : दिल्ली वफ्फ बोर्ड मामले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में ED ने 12 नवंबर,2023 को 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ये सभी AAP विधायक अमानतुल्लाह खान के करीबी बताए गए थे। इनके नाम जिशान हैदर, जावेद इमाम, दाऊद नसीर हैं।
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