
महोबा। देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार ट्रेन को पलटाने की साजिश की जा रही है। इसी बीच उत्तर प्रदेश में फिर से ट्रेन पलटाने की साजिश की गई। उत्तर प्रदेश मे बुंदेलखंड के महोबा जिले में शनिवार रात रेल दुर्घटना की बड़ी साजिश नाकाम हो गई। लोको पायलट की सूझबूझ से झांसी-मानिकपुर रेलवे ट्रैक पर रखे गए सीमेंटेड पोल को समय रहते देख कर हटा दिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। पुलिस द्वारा मामले मे एक किशोर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस प्रकरण की सघनता से जांच कर रही है।
झांसी-प्रयागराज पैसेंजर के लोको पायलट ने रोकी ट्रेन
अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह ने बताया की महोबा स्टेशन से करीब 30 किमी आगे कबरई व मटोंध स्टेशनों के बीच रेवारा गांव के पास रेल पटरी पर एक सीमेंटेड खंभा रखा मिला। जिसे झांसी स्टेशन से चलकर प्रयागराज जा रही पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट ने देखा और गाड़ी रोक दी और कंट्रोल रूम को सूचित किया। खबर मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ व स्थानीय पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंच पत्थर को अलग कराया और रेल मार्ग को साफ कर गाड़ियों का आवागमन शुरू कराया।
किशोर ने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया
बाद में पुलिस ने घटना की छानबीन करते हुए रेलवे ट्रैक के निकट ही जानवर चरा रहे एक किशोर को हिरासत में लिया, जिससे की गई पूछताछ मे वारदात का खुलासा हो गया। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया की रेवारा गांव के निवासी 16 वर्षीय किशोर अंशु ने पूछताछ में अपना दोष स्वीकार कर खेल-खेल मे उक्त सीमेंटेड खंभे को रेल पटरी मे रखने की बात कही है।
फेंसिंग का पिलर तोड़कर रखा था
रेलपथ निरीक्षक राजेश कुमार की तहरीर पर उसके खिलाफ कबरई पुलिस ने रेलवे एक्ट व ट्रैक पर पत्थर रखकर संकट पैदा करने के आरोप मे बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। हांलाकि पूरे मामले की विस्तार से जांच कराई जा रही है। घटना को लेकर उत्तर-मध्य रेलवे के झांसी के पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने कहा है कि पशु चरा रहे किशोर ने ट्रैक के किनारे लगे फेंसिंग का पिलर तोड़कर रख दिया था, जिसे हटवा दिया गया। प्रकरण मे कोई ट्रैन प्रभावित नहीं हुईं।