
हेमंत नागले, इंदौर। मंगलवार जनसुनवाई में बाणगंगा गोविंद कॉलोनी के रहने वाले दो ऐसे अनाथ बच्चे पहुंचे, जिनके माता-पिता कोविड-19 समय खत्म हो गए थे। मां-बाप के गुजरने के बाद उनके पड़ोस में रहने वाली एक महिला द्वारा बच्चों को रखा जा रहा था, जहां पर नन्हीं बालिका पढ़ने में और किताबें खरीदने के लिए मदद की गुहार लगा रही थी। वहीं इलाके में रहने वाले किसी व्यक्ति ने उन्हें इंदौर कलेक्टर जनसुनवाई जाने के लिए कहा गया।
दोनों बच्चें बालक-बालिका है, जैसे ही कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे तो इंदौर कलेक्टर ने बिना सोचे तुरंत 25 हजार दोनों को खाते में दे दिए। दोनों नन्हें बच्चों से कलेक्टर ने कहा कि आगे पढ़ाई करो, जो भी सहायता चाहिए फिर कभी भी आ जाना। हॉस्टल में तो एडमिशन हो ही जाएगा।
कलेक्टर बच्चों की सुनी परेशानी
दरअसल, इंदौर जनसुनवाई में गोविंद नगर के रहने वाले 10वीं कक्षा की छात्रा कोमल और उसका 7वीं कक्षा में पढ़ने वाला भाई अंश पहुंचे थे। दोनों ही के मां-बाप 2 वर्ष पहले गुजर चुके हैं। मां-पिता के बिना पढ़ाई करना संभव था, जिस कारण से कोमल अपने घर के समीप डिंपल यादव के घर रह रही है। पढ़ाई के लिए वह लगातार सहायता के लिए भटक रही थी। वहीं किसी ने उसे बताया कि इंदौर कलेक्टर जनसुनवाई में जाओ जहां पर तुम्हारी मदद हो जाएगी। मंगलवार को कोमल और अंश दोनों पहुंचे तो इंदौर कलेक्टर दोनों ही बच्चों की परेशानी सुनीं।
#इंदौर : #जनसुनवाई में दो अनाथ बच्चों ने हॉस्टल में एडमिशन, पढ़ने और किताबें खरीदने के लिए लगाई मदद की गुहार। कलेक्टर ने तुरंत 25 हजार खाते में दिए और कहा- पढ़ाई करो जो भी सहायता चाहिए कभी भी आ जाना। बच्चों के मां-पिता की कोविड काल में मौत हो गई।@IndoreCollector #PeoplesUpdate… pic.twitter.com/53PZdrWWVe
— Peoples Samachar (@psamachar1) May 30, 2023
कलेक्टर ने एडमिशन के लिए अधिकारियों से कहा
कोमल ने बताया कि उसके पिता नरेश सांखला और मां मनीषा सांखला दोनों की ही मौत हो चुकी है। पिता फोटोग्राफी का काम करते थे और उन्हें कोविड के लक्षण थे, जिसके बाद मां भी कैंसर के कारण गुजर गई। लेकिन, कोमल को हॉस्टल में एडमिशन चाहिए था। जिस कारण से वह आगे की पढ़ाई कर सकें। 10वीं की छात्रा कोमल की यह बात सुनकर कलेक्टर का दिल पसीज गया और उन्होंने पहले अधिकारियों से बच्चे के खाते में 25 हजार रुपए देने का कहा और आगे ही पढ़ाई सुचारू करने के लिए हॉस्टल के लिए भी वह अधिकारियों को कह रहे हैं। जहां पर कोमल का जल्द एडमिशन करवाया।
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