
वॉशिंगटन। वैज्ञानिकों ने नासा के अंतरिक्ष दूरबीन का उपयोग करके एक आकर्षक दुनिया की खोज की है। यह पृथ्वी के आकार के बराबर है, हमारे सौर मंडल के काफी करीब है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस ग्रह पर जीवन की संभावना हो सकती है। इस नए ग्रह को ग्लिसे 12 बी के नाम से जाना जाता है, जो एक्स्ट्रासोलर ग्रह या एक्सोप्लैनेट है। ग्लिसे 12 बी एक छोटे और ठंडे लाल बौने तारे की परिक्रमा करता है जो पृथ्वी से लगभग 40 प्रकाश वर्ष दूर मीन राशि में स्थित है।
ग्लिसे 12 बी एक्सोप्लैनेट की खोज नासा के ट्रांजिटिंग एक्सोप्लेनेट सर्वे सैटेलाइट के जरिए की गई है। इसकी चौड़ाई पृथ्वी से 1.1 गुना होने का अनुमान है। यह चौड़ाई इस एक्सोप्लैनेट को हमारे ग्रह के साथ-साथ शुक्र के समान बनाता है, जिसे पृथ्वी की जुड़वां बहन कहा जाता है।
यहां पृथ्वी के 12 दिन के बराबर होता है एक साल
ग्लिसे 12 बी अपने तारे, ग्लिसे 12 की इतने करीब से परिक्रमा करता है कि उसका वर्ष केवल 12.8 पृथ्वी दिनों तक रहता है। हालाँकि, क्योंकि लाल बौना ग्लिसे 12 सूर्य के आकार का लगभग एक चौथाई है, यह हमारे तारे की तुलना में बहुत ठंडा भी है। इसका मतलब यह है कि, भले ही ग्लिसे 12 बी अपने लाल बौने तारे से सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी के केवल 7% के बराबर दूरी पर है, फिर भी यह अपने ग्रह प्रणाली के रहने योग्य क्षेत्र में है। इस क्षेत्र को गोल्डीलॉक्स जोन के रूप में भी जाना जाता है।