
अंकारा। तुर्किये और सीरिया में भूकंप से मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को ताजा अपडेट सामने आया है। जिसमें बताया गया है कि अब तक 17 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। जबकि, घायलों की संख्या बढ़कर 40 हजार पहुंच गई है। अमेरिकी कंपनी मैक्सार टेक्नोलॉजी ने कुछ सैटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं।

इन तस्वीरों में देखा जा सकता है कि दक्षिणी हिस्से के अन्ताक्या और काहरामनमारस सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल हैं, जहां ढेरों ऊंची-ऊंची इमारतें जमींदोज हो गईं।

तुर्किये और सीरिया में आए भूकंप के बाद से पूरी की पूरी बस्तियां खंडहर हो गई हैं। बड़े-बड़े शहर मलबे के ढेर में तब्दील हो गए हैं। कई इमारतें तबाह हो गई हैं। सैटेलाइट तस्वीरों से यह भी दिखाई देता है कि खुले इलाकों और स्टेडियमों में सैकड़ों इमरजेंसी शेल्टर बनाए गए हैं, ताकि राहत कार्यों में तेजी आ सके।

USGS की तस्वीर में दोनों भूकंपों से सतह पर कहां-कहां दरारें बनी हैं, वो दिख रहा है। इसके साथ ही उसने एक जगह की सैटेलाइट इमेज दी है। जिसे मैक्सार के सैटेलाइट ने लिया है। इसमें एक मैदान में दो सड़कें दिख रही हैं, जो दो हिस्सों में बंट गई हैं।
Prelim. observations of fault rupture in Turkey EQ sequence using satellite images & radar data. This provides a first estimate of surface rupture length– over 300 km (~185 mi) from both EQs. We expect to see more of the rupture as data become available @USGS_HDDS @DisastersChart pic.twitter.com/A9xQ5nG27d
— USGS Earthquakes (@USGS_Quakes) February 9, 2023
अपनी जगह से 10 फीट खिसका तुर्किये
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, तुर्किये अपनी भौगोलिक जगह से 10 फीट खिसक गया है। बता दें कि, तुर्किये 3 टैक्टोनिक प्लेट्स- एनाटोलियन टैक्टोनिक प्लेट, यूरोशियन और अरबियन प्लेट के बीच बसा हुआ है। इटली के सीस्मोलॉजिस्ट डॉ. कार्लो डोग्लियोनी ने बताया कि टैक्टोनिक प्लेट्स में हुए इस बदलाव के चलते हो सकता है कि तुर्किये, सीरिया की तुलना में 5 से 6 मीटर (लगभग 20 फीट) और अंदर धंस गया हो।
70 देशों ने भेजी मदद
विनाशकारी भूकंप की त्रासदी झेल रहे तुर्किये की मदद के लिए भारत समेत करीब 70 देशों ने मदद भेजी है। है। इस बीच यूएन ने कहा कि भारी बर्फबारी और बारिश की वजह से तुर्किये और सीरिया, दोनों ही देशों में बचाव कार्य में मुश्किल आ रही है। तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन भूकंप प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने किसी भी नागरिक को सड़क पर नहीं छोड़ेंगे। तुर्किये और सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप के बाद राहत एवं बचाव दल दिन रात हजारों इमारतों के मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश में दिन रात जुटे हैं।
60 हजार बचावकर्मी दिन-रात लगे
तुर्किये के भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में अब लगभग 60,000 बचाव कर्मी लगातार काम कर रहे हैं। हालांकि, यहां ढह चुकी इमारतों की संख्या इतनी अधिक है कि लोग अब भी मदद के इंतजार में हैं। भूकंप के दो दिन बाद, रेस्क्यू टीम ने 3 वर्षीय बच्चे आरिफ कान को कहरामनमारस में एक ढह चुकी एक इमारत के मलबे के नीचे से निकाला। लड़के के पिता राहतकर्मी पहले ही सुरक्षित निकाल चुके थे। केसी मलबे से अपने बच्चे को सुरक्षित निकलते हुए देख अपने आंसू रोक नहीं पाया।
3 बड़े भूकंपों के बाद आई तबाही
तुर्किये और सीरिया में ये तबाही 3 बड़े भूकंपों के बाद आई। तुर्किये में सबसे पहले सोमवार सुबह करीब सवा 4 बजे 7.8 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र गजियांटेप इलाके में था। यह सीरिया बॉर्डर से 90 किमी दूर है। दूसरा करीब 10 बजे 7.6 तीव्रता का और तीसरा दोपहर 3 बजे 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। इसके अलावा 24 आफ्टर शॉक्स दर्ज किए गए। इनकी तीव्रता 4 से 5 रही। बताया जाता है कि यह भूकंप तुर्किये में पिछली एक सदी से भी अधिक समय में आए सबसे बड़े भूकंपों में से एक है। इससे पूरे क्षेत्र में कंपन हो गया।
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