
अहमदाबाद। रेप केस के दोषी आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। गांधीनगर सेशन कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सोमवार को आसाराम बापू को महिला शिष्या के साथ रेप के मामले में दोषी ठहराया था। आसाराम के खिलाफ यह मामला 2013 में दर्ज किया गया था। कोर्ट ने सबूतों के अभाव में आसाराम की पत्नी समेत छह अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था।
Gandhinagar Sessions Court sentenced self-styled godman Asaram to life imprisonment in connection with a decade-old sexual assault case. pic.twitter.com/UgIdHOsuiq
— ANI (@ANI) January 31, 2023
इससे पहले जोधपुर की एक अदालत ने 25 अप्रैल 2018 को आसाराम को 2013 में अपने आश्रम में एक नाबालिग से रेप का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। आसाराम बापू अभी जोधपुर की एक जेल में बंद हैं। आसाराम को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2) (सी), 377 (अप्राकृतिक यौनाचार) और अवैध रूप से बंधक बनाने से जुड़ी धारा में दोषी ठहराया गया है।
बाप-बेटे पर लगा था रेप का आरोप
आसाराम और उसके बेटे नारायण साईं पर सूरत की रहने वाली दो बहनों ने बलात्कार का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में आसाराम के खिलाफ चार्जशीट भी फाइल कर दी थी। हालांकि इस मामले में ट्रायल पिछले लम्बे वक्त से नहीं हो रहा था। आसाराम को एक अदालत ने 2013 में अपने आश्रम की नाबालिग लड़की से बलात्कार का दोषी पाया था। लड़की का आरोप था कि आसाराम ने उसे जोधपुर के पास मणाई इलाके में अपने आश्रम में बुलाया था और 15 अगस्त 2013 की रात उसके साथ बलात्कार किया। 2013 से ही जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद है। उसे 2018 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। वहीं आसाराम के बेटे नारायण साईं फिलहाल सूरत की लाजपुर जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।
अहमदाबाद के चांदखेड़ा थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, आसाराम ने 2001 से 2006 के बीच महिला से कई बार बलात्कार किया था, जब वह शहर के बाहरी इलाके में स्थित उसके आश्रम में रहती थी। मामले में पुलिस ने जुलाई 2014 में चार्जशीट दाखिल की थी।