
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज अपना 44वां स्थापना दिवस मना रही है। 6 अप्रैल 1980 को भाजपा का गठन हुआ था। स्थापना दिवस के मौके पर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि 64 हजार 100 बूथों पर स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने जिन बातों का उल्लेख किया उसे हम आगे बढ़ाएंगे। नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए हर पंचायत और वार्ड में आज चौपाल का आयोजन किया जाएगा। हम संगठन को और ताकत के साथ आगे बढ़ाएंगे।
#भोपाल : #भाजपा के #स्थापना_दिवस पर #बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष #वीडी_शर्मा ने कहा- नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए हर पंचायत और वार्ड में आज #चौपाल का आयोजन किया जाएगा। हम संगठन को और ताकत के साथ आगे बढ़ाएंगे।@narendramodi @ChouhanShivraj @BJP4MP@vdsharmabjp @CMMadhyaPradesh… pic.twitter.com/efRCiCCNjG
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राष्ट्र प्रथम फिर पार्टी और हम : सीएम
सीएम शिवराज ने भाजपा के स्थापना दिवस और हनुमान जन्मोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा- कहा- ‘कवन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं’। कोई भी काम काठीन नही इसी मंत्र के साथ आगे बढ़ना है, राष्ट्र प्रथम फिर पार्टी और हम।कास और सेवा के काम करते हुए आगे बढ़ें। पार्टी के काम के विस्तार के लिए बूथ विस्तारक अभियान के माध्यम से बूथ मजबूत हुआ है। इस दौरान सीएम ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को संगठन की मजबूती के लिए बधाई दी।
#भोपाल : सीएम #शिवराज ने #हनुमान_जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दी, कहा- ‘कवन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं’। कोई भी काम काठीन नही इसी मंत्र के साथ आगे बढ़ना है, #राष्ट्र प्रथम फिर #पार्टी और #हम।@CMMadhyaPradesh @ChouhanShivraj @BJP4MP @vdsharmabjp… pic.twitter.com/1FRfTq4obA
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अंबेडकर जयंती तक विशेष सप्ताह मनाएगी BJP
स्थापना दिवस के मौके पर एक सप्ताह के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। भाजपा आज से डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल तक विशेष सप्ताह मनाएगी। पार्टी इस दौरान केंद्र सरकार के द्वारा जारी की गई कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाएगी।
भारतीय जनसंघ से जुड़ा है बीजेपी का इतिहास
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का इतिहास भारतीय जनसंघ से जुड़ा है। 21 अक्टूबर 1951 को दिल्ली में जनसंघ की स्थापना हुई थी। जनसंघ की स्थापना डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, प्रोफेसर बलराज मधोक, दीनदयाल उपाध्याय ने की थी। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जनसंघ के पहले अध्यक्ष बनाए गए थे। जनसंघ का चुनाव चिन्ह ‘दीपक’ और झंडा भगवा रंग का था।
देश में 1975 में लागू किया गया आपातकाल जनसंघ की सियासत में टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।
साल 1977 में आपातकाल खत्म होने के बाद जनसंघ के नेतओं ने विरोधी दलों के साथ मिलकर जनता पार्टी बनाई। जनसंघ का जनता पार्टी में विलय हो गया। चुनाव में मोरारजी देसाई की अगुवाई में जनता पार्टी की केंद्र में सरकार बनी।
जनता पार्टी का गठन संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी, भारतीय लोकदल, कांग्रेस (ओ), जनसंघ को मिलाकर किया गया था।
जनता पार्टी से भाजपा पार्टी कैसे बनी
1980 के आते-आते जनता पार्टी में समाजवादी और जनसंघ से जुड़े नेताओं के रास्ते अलग हो गए थे। 1980 के लोकसभा चुनाव में जनता पार्टी की हार के बाद इंदिरा गांधी सत्ता में लौट आईं थीं।
जनता पार्टी के समाजवादी धड़ों ने लोकदल का गठन कर लिया। वहीं जनसंघ के नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी की स्थापना की।
अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी सहित जनसंघ के अन्य नेताओं ने दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में 6 अप्रैल, 1980 को भारतीय जनता पार्टी के नाम से नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान किया। इसके पहले अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी बने।