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इंदौर : चोरी के मोबाइल खरीदने वाले व्यापारी के ठिकाने पर पुलिस की रेड, 64 लाख के 642 मोबाइल बरामद; तीन आरोपी गिरफ्तार, व्यापारी फरार

इंदौर। रावजी बाजार थाना क्षेत्र में एक इत्र कारोबारी से मोबाइल की ठगी कर आरोपी फरार हो गया था। घटना के सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस द्वारा आरोपियों की तलाश की जा रही थी, जिसमें पुलिस द्वारा आरोपी की निशानदेही पर जब एक फ्लैट में छापेमार कार्रवाई की गई तो पुलिस भी चौंक गई।

घर के अंदर से 642 मोबाइल जब्त किए हैं, जो की नोवेल्टी के एक पुराने संचालक का घर है और घर के अंदर जब पुलिस ने सर्चिंग गई तो इतने मोबाइल देखकर पुलिस चौक गई। सभी मोबाइल चोरी लूट के हैं। आरोपियों की गैंग के कई सदस्यों द्वारा वारदात कर व्यापारी को बेच दिए जाते थे। फिलहाल, व्यापारी अपने घर से फरार है और पुलिस मुख्य सरगना की तलाश कर रही है।

64 लाख के 642 मोबाइल बरामद।

64 लाख के 642 मोबाइल जब्त

एसीपी देवेंद्र धुर्वे के मुताबिक, रावजी बाजार थाना क्षेत्र में एक इत्र कारोबारी से एक अज्ञात बदमाश ठगी की वारदात कर फरार हो गया था, जिसे पुलिस द्वारा लगातार सीसीटीवी कैमरे के आधार पर सर्चिंग की जा रही थी। देर रात विक्की उर्फ नादिया निवासी अर्जुनपुरा लालबाग गिरफ्तार हुआ। विक्की से जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने उन्हें एक गिरोह के मुख्य सरगना का घर दिखाया जो कि जितेंद्र वाधवानी का घर है। पुलिस ने खातीवाला टैंक स्थित सूर्य प्लाजा के फ्लैट में छापामार कार्रवाई की तो पुलिस चौंक गई। मुख्य सरगना के घर के अंदर से 642 मोबाइल जब्त किए गए, जिनकी लगभग कीमत 64 लाख रुपए आंकी जा रही है। पुलिस को 250 ऐसे भी मोबाइल मिले हैं, जिनके आईएमइआई नंबर ही आरोपी द्वारा बदलवा दिए गए हैं।

व्यापारी के पास आते थे चोरी-लूट के मोबाइल

सभी मोबाइल चोरी, लूट व अन्य वारदातों के बाद व्यापारी के पास आ जाते थे, जितेंद्र औने-पौने दाम पर इन्हें खरीदकर मार्केट में बड़ी रकम में बेचता था। इस पूरे गिरोह के तीन आरोपी विक्की, अरुण और हेमंत अभी पुलिस गिरफ्त में हैं। वहीं व्यापारी जितेंद्र वाधवानी अभी फरार बताया जा रहा है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। व्यापारी के पकड़े जाने के बाद इस गिरोह के अन्य सरगना भी पुलिस की गिरफ्त में आ सकते हैं।

ऐसे संचालित होती थी गैंग

जितेंद्र वाधवानी इंदौर शहर सहित आसपास के कई इलाकों से लूट और चोरी के मोबाइलों को खरीदता था और उसे कई दिनों तक अपने घर पर ही बंद कर रखता था, जब तक समय अवधि निकल जाती थी, जिससे कि पुलिस उसे ट्रेस ना कर सके। नोवेल्टी में जाकर उनके मदरबोर्ड को बदलकर उसे बेच दिया करता था। व्यापारी द्वारा लगभग 250 ऐसे भी मोबाइल थे, जिनके आईएमइआई नंबर ही बदलवा दिए थे। वहीं कई मोबाइल ऐसे भी होते थे जिनके पार्ट्स काफी आसानी से बाजार में बिक जाते हैं। महंगे मोबाइल का बोर्ड बदलने की जगह उसके पार्ट्स को भी वह आसानी से बेच दिया करता था।

जितेंद्र वाधवानी मोबाइल की कीमत 5 हजार से लेकर 20 हजार तक भी लगता था। महंगे से मोबाइल iPhone जैसे अन्य महंगे मोबाइल की कीमत वह 20 हजार ही देता था जो की नगद रुपया होता था। गिरोह के सदस्य तुरंत वह रुपया लेकर चले जाते थे। वहीं जितेंद्र इन मोबाइलों को पार्ट्स के रूप में या फिर अलग-अलग करके भी बेचता था।

प्रदेश का सबसे बड़ा बाजार है नोवेल्टी मार्केट

जानकारी के अनुसार, इंदौर के जेल रोड पर प्रदेश का सबसे बड़ा नोवेल्टी डॉलर और ऐसे कई बाजार है, जहां पर प्रदेश भर से मोबाइल खरीदने और बिकने के लिए आते हैं। यहां पर किसी भी मोबाइल को खफाना काफी आसान हो जाता है। यहां पर रिपेयरिंग करने वाले भी कई व्यापारी मौजूद है। वह भी इन मोबाइलों को आसानी से खफा देते हैं।

(इनपुट – हेमंत नागले) 

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