
अशोक गौतम-भोपाल। सरकार ने बिल्डिंग परमिशन के लिए ऑटोमैटिक बिल्डिंग परमिशन एप्रूवल सिस्टम (एबीपीएएस-3) लॉन्च किया है। इसके बाद भी लोगों को परमिशन के लिए 30 दिन के अधिक समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि प्रदेश में आवेदन देने के बाद भी 31 हजार लोगों को एक माह से अधिक समय से भवन अनुज्ञा अनुमति नहीं मिली है।
दरसअल भवन अनुज्ञा के लिए सरकार ने आर्किटेक्टों को अधिकार दिए हैं। अकेले 16 नगर निगमों में 13 हजार से अधिक मामले अटके हुए हैं। तीन माह पहले करीब 40 हजार से अधिक भवन अनुज्ञा के आवेदन 413 निकायों में आए थे, लेकिन इनमें 31 हजार मामलों का अधिकारियों ने अभी तक निराकरण नहीं किया है। इस मामले में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने निकायों से जानकारी बुलाई है। खबर के संबंध में सारे दस्तावेज पीपुल्स समाचार के पास उपलब्ध हैं।
आवेदन का एप्लीकेशन बंद, ऑफलाइन भी नहीं ले रहे
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने भवन अनुज्ञा के लिए एबीपीएएस-3 पोर्टल लॉन्च किया है जिसका कंसोल (आर्किटेक्ट द्वारा आवेदन करने का एप्लीकेशन) बंद पड़ा है। इससे अर्किटेक्ट भवन अनुज्ञा के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। ऑफलाइन आवेदन लेने काम बंद है। सामान्य तौर पर इंदौर और भोपाल जैसे शहरों में तो हर रोज सैकड़ों आवेदन आते हैं।
ये है स्थिति : एक माह से ज्यादा समय से लंबित
- नगर निगम 13,977
- नगर पालिका 11,302
- नगर परिषद 5,117 आर्किटेक्ट को
ये दिए हैं अधिकार : एमपी सरकार ने तीन हजार स्क्वायर फीट तक के कंस्ट्रक्शन के लिए प्राइवेट आर्किटेक्ट को परमिशन देने का अधिकार दिया है। भोपाल में लगभग 65 से 70 फीसदी परमिशन इन्हीं आर्किटेक्टों द्वारा दी जा रही थी।
हालात पर एक नजर
- प्रदेश भर में 31 हजार से ज्यादा आवेदन लंबित।
- 16 नगर निगमों में 13 हजार से अधिक मामले अटके।
- पोर्टल पर शिफ्टिंग से पूरा काम ठप।
नगर निगम और टीएंडसीपी के बीच खींचतान : आर्किटेक्ट माजिद भाई बताते हैं कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और नगर निगम की लड़ाई में आर्किटेक्ट उलझे हैं। टीएंडसीपी ने जो जानकारी मांगी थी, वो दे दी गई है। इसके बाद भी कंसोल जारी नहीं किया जा रहा है। आर्किटेक्टों को वर्ष 2016 से भवन अनुज्ञा देने का काम दिया गया था, तब से पांच माह पहले तक हम दे रहे थे। अचानक से टीएंडसीपी ने ये कहते हुए कंसोल बंद कर दिया कि नगर निगमों ने हमसे अभिमत नहीं लिया।
सिस्टम की हो रही शिफ्टिंग
भवन अनुज्ञा के लिए एबीपीएएस- 3 लॉन्च किया गया है। इसमें पूरे सिस्टम की शिफ्टिंग हो रही है। इसके चलते भवन अनुज्ञा में देरी हो रही है। लेकिन जो मामले लंबित हैं, उसकी समीक्षा करेंगे। – भरत यादव, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग