
बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान रामगोपाल मिश्रा पर गोली चलाने वाले आरोपी रिंकू उर्फ सरफराज खान और तालिब का पुलिस और एसटीएफ ने एनकाउंटर कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी नेपाल भागने की फिराक में थे। दोनों के पैर में गोली लगी है। इन्हें इलाज के लिए नानपारा अस्पताल से बहराइच मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
नेपाल भागने की फिराक में थे आरोपी
जानकारी के मुताबिक, दोनों आरोपी अपने रिश्तेदारों के साथ नेपाल भागने की फिराक में थे। दोनों ने एसटीएफ और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। दोनों आरोपी बाइक से नेपाल की खुली सीमा से होकर घूम रहे थे। फिर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और इस दौरान दोनों आरोपियों को पुलिस की गोली लग गई। फिलहाल, आरोपियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
एनकाउंटर को लेकर पुलिस मुख्यालय में बैठक
डीजीपी प्रशांत कुमार ने फोन पर बात करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ को बहराइच मामले से जुड़े एनकाउंटर की जानकारी दी है। कानून व्यवस्था को लेकर डीजीपी मुख्यालय में बड़ी बैठक शुरू हो गई है। बैठक में डीजीपी प्रशांत कुमार, एडीजी एलओ अमिताभ यश और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं।
कुल 5 आरोपी गिरफ्तार
- मोहम्मद फ़हीन (नामजद)
- मोहम्मद तालीम उर्फ सबलू
- मोहम्मद सरफराज (नामजद)
- अब्दुल हमीद (नामजद)
- मोहम्मद अफज़ल
मूर्ति विसर्जन के दौरान किया गया अगवा
यह घटना दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के जुलूस के दौरान की है। बहराइच के रेहुआ मंसूर गांव का राम गोपाल मिश्रा जुलूस में शामिल था। जुलूस जब एक समुदाय विशेष के मोहल्ले से गुजर रहा था, तब दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। आरोप है कि राम गोपाल ने एक इमारत पर चढ़कर वहां लगे हरे झंडे को उतारकर भगवा झंडा फहरा दिया। इसके बाद भीड़ में से कुछ लोगों ने उसे अगवा कर लिया और एक घर में ले जाकर उसकी निर्मम हत्या कर दी।
पीड़ित परिवार से मिले सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार (14 अक्टूबर) को बहराइच हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा के परिवार से लखनऊ में मुलाकात की। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि दुख की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन भी दिया।
हत्या के बाद भड़की हिंसा
राम गोपाल की मौत के बाद बहराइच के महाराजगंज में हालात बेकाबू हो गए। आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों के घरों और वाहनों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। अगले दिन जब राम गोपाल का शव गांव पहुंचा, तो गुस्साई भीड़ ने कई दुकानों, नर्सिंग होम और बाइक शोरूम में आगजनी की।
बहराइच में तनावपूर्ण माहौल के बाद इंटरनेट बंद
पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी गई है। सरकार ने फिलहाल विसर्जन यात्राओं पर भी रोक लगा दी है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल सभी आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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