
मुंबई। एक चोर को उस समय पछतावा हुआ, जब उसे पता चला कि उसने एक प्रसिद्ध मराठी लेखक और कवि स्व. नारायण सुर्वे के घर से कीमती सामान चुराया था। बाद में पश्चाताप करते हुए उसने चुराया गया सामान लौटा दिया। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि चोर ने रायगढ़ जिले के नेरल में स्थित सुर्वे के घर से एलईडी टीवी समेत कीमती सामान चुराया था।
पति समेत बेटी शहर से बाहर गई हुई थी
सुर्वे की बेटी सुजाता और उनके पति गणेश घारे अब इस घर में रहते हैं। वह बेटे के पास विरार गए थे। घर 10 दिनों से बंद था। चोर घर में घुसा और कुछ सामान चुरा ले गया। अगले दिन जब वह और सामान चुराने आया तो उसने एक कमरे में सुर्वे की तस्वीर और उन्हें मिले सम्मान आदि देखे। पश्चाताप स्वरूप उसने चुराया गया सामान लौटा दिया।
घर की दीवार पर चिपकाया नोट
इतना ही नहीं, उसने दीवार पर एक छोटा सा ‘नोट’ चिपकाया, जिसमें उसने महान साहित्यकार के घर चोरी करने के लिए मालिक से माफी मांगी। नेरल पुलिस थाने के निरीक्षक शिवाजी धवले ने बताया कि सुजाता और उनके पति जब रविवार को विरार से लौटे तो उन्हें यह ‘नोट’ मिला. उन्होंने बताया कि पुलिस टीवी और अन्य वस्तुओं पर मिले उंगलियों के निशान के आधार पर आगे की जांच कर रही है।
संघर्ष में बीता था नारायण सुर्वे का बचपन
अपनी कविताओं में शहरी मजदूर वर्ग के संघर्षों को स्पष्ट रूप से दर्शाने वाले स्व. सुर्वे का 16 अगस्त 2010 को 84 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। बचपन में माता पिता को खो चुके सुर्वे मुंबई की सड़कों पर पले-बढ़े। उन्होंने होटल में बर्तन साफ करने, पालतू कुत्तों की देखभाल और कुली के रूप में काम किया था।