
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को आप विधायक अमानतुल्लाह खान को जमानत दे दी है। बता दें कि उन्हें दिल्ली वक्फ बोर्ड में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले मंगलवार को कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर अपने आदेश को सुरक्षित रख लिया था।
निधि का कोई दुरुपयोग नहीं हुआ : वरिष्ठ अधिवक्ता
आप विधायक अमानतुल्लाह खान की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा था कि किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है और ये आरोप प्रक्रियागत खामी है। उन्होंने कहा कि निधि का कोई दुरुपयोग नहीं हुआ और ना ही प्रथम दृष्टया इसका कोई सबूत है। निधि के कथित दुरुपयोग के संबंध में वकील ने कहा कि एक-एक पैसे का हिसाब रखा गया।
वक्फ बोर्ड में भर्ती 32 में से 27 लोग अमानतुल्लाह के करीबी
मंगलवार को एसीबी ने कोर्ट को बताया था कि अमानतुल्लाह खान ने वक्फ बोर्ड में कुल 33 भर्तियां की थीं। जिनमें से 32 लोगों ने नौकरी ज्वाइन की थी। इन 32 लोगों में से 22 लोग ओखला विधानसभा क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। जबकि 5 अन्य लोग अमानतुल्लाह खान के भतीजे या अन्य रिश्तेदार हैं। यानी कुल भर्ती में 27 लोग अमानतुल्लाह के करीबी हैं।
मामले में दुबई का लिंक आया सामने
जब अमानतुल्लाह खान को 21 सितंबर को दोबारा कोर्ट में पेश किया गया तो एसीबी ने 10 दिन की पुलिस कस्टडी मांगी थी। लेकिन कोर्ट ने सिर्फ पांच दिनों की रिमांड बढ़ाए जाने का फैसला दिया। एसीबी ने कोर्ट से कहा था कि देश में ही नहीं, बल्कि विदेश में भी लेन-देन की आशंका है। बता दें कि इस मामले में दुबई का लिंक मिला है। एसीबी की तरफ से कोर्ट को एक लिस्ट भी सौंपी गई थी, जिसमें 100 से अधिक लोगों के नाम हैं जिनसे लेन-देन किया गया है।
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ये है मामला
दरअसल, अमानतुल्लाह खान पर वक्फ बोर्ड के बैंक खातों में ‘वित्तीय गड़बड़ी’, वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में किरायेदारी का निर्माण, वाहनों की खरीद में ‘भ्रष्टाचार’ और दिल्ली वक्फ बोर्ड में सेवा नियमों में उल्लंघन करते हुए 33 लोगों की ‘अवैध नियुक्ति’ के आरोप हैं। इस संबंध में ACB ने जनवरी 2020 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया था।
अमानतुल्लाह खान पर दिल्ली वक्फ बोर्ड का चेयरमैन रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग करने और अपने करीबियों की नियुक्तियां करने का आरोप लगा है। सीबीआई ने इसी साल मई में अमानतुल्लाह खान पर मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगी थी।