
अशोक गौतम-भोपाल। इंदौर में प्रस्तावित देश के सबसे बड़े कन्वेंशन सेंटर के निर्माण का मॉडल तैयार कर लिया गया है। इस प्रोजेक्ट में 1,400 करोड़ रुपए लागत आएगी, जिसे पीपीपी मोड पर बनाया जाएगा। मॉडल को सरकार ने हरी झंडी दे दी है। कन्वेंशन सेंटर में दस हजार लोगों के बैठने की क्षमता रहेगी और रिमोट के जरिए जगह घटाई-बढ़ाई जा जाएगी। फिलहाल फॉरेस्ट की भूमि का अडंगा लगा हुआ है, इसके क्लीयर होते ही टेंडर बुलाए जाएंगे।
अगर टेंडर इस साल जारी होते है तो सेंटर को वर्ष 2028 तक तैयार करने का टारगेट है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल इंदौर में आयोजित इंन्वेस्टर्स समिट के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद से संबंधित विभागों के माध्यम से लेआउट तैयार किया जा रहा है।
दो भागों में बंटेगा सेंटर
कन्वेंशन सेंटर के पूरे हॉल को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा जाएगा, पहला भाग पांच हजार और दूसरा भाग भी पांच हजार कुर्सियों का होगा। इन्हें कुर्सियों को पूरी तरह से फोल्ड करने की व्यवस्था होगी। दूसरा हिस्सा ओपन स्पेस और शेड में होगा, जिसे जरूरत के अनुसार ओपन और क्लोज किया जा सकेगा। एयरपोर्ट के पीछे 17 हेक्टेयर में बनाए जा रहे कन्वेंशन सेंटर में मैरिज गार्डन भी होंगे। मैरिज गार्डन को भी जरूरत के अनुसार छोटा और बड़ा कर सकेंगे।
सरकार से मिली मंजूरी
सेंटर का निर्माण इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के माध्यम से कराया जाएगा। आईडीए ने हाल ही में सरकार के समक्ष तीन तरह से निर्माण का प्रस्ताव और प्रेजेंटेशन दिया था। इसमें पीपीपी मॉल को मंजूरी दी गई है। आईडीए ने इसके निर्माण का के लिए फाइनेंशियल एडवाइजर भी नियुक्त कर लिया है, जिससे कम लागत में सेंटर को ज्यादा से ज्यादा विस्तार दिया जा सके। निवेशक को उक्त भूमि 50 से 100 साल के लिए लीज पर जमीन दी जाएगी।
वन विभाग का ये अड़ंगा
आईडीए के स्कीम नम्बर 170, एयरपोर्ट के पीछे जहां सुपर कॉरिडोर समाप्त होता है। वहीं सरकार ने इस सेंटर के लिए भूखंड आवंटित किया है। यहां पांच एकड़ के एरिया को लेकर फॉरेस्ट और राजस्व भूमि को लेकर विवाद चल रहा है। इस संबंध में कलेक्टर और वन विभाग के अधिकारी दोनों ने अपना अपना पक्ष शासन के समक्ष प्रस्तुत किया है। पुराने रिकॉर्डों को देखते हुए इस मामले में निर्णय शासन को लेना है। इसके बाद ही निर्माण शुरू होगा।
फ्लेश बैक: इसलिए बनाया जा रहा सेंटर
प्रदेश में पिछले साल प्रवासी भारतीयों का एक सम्मेलन जनवरी में इंदौर में हुआ था।कई विदेशी मेहमानों को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर हॉल में जगह नहीं मिली। उस समय के सीएम शिवराज सिंह चौहान को मंच से दो बार माफी भी मांगनी पड़ी। इससे उन्होंने दस हजार लोगों के बैठने की क्षमता वाला कन्वेंशन सेंटर बनाने की घोषणा की थी।
दोनों विभागों के अपने तर्क
कन्वेंशन सेंटर बनाने के लिए मॉडल तैयार हो गया है। इसमें कुछ हिस्सा वन भूमि आ रहा है, इसकी कुछ औपचारिकताएं पूरी होने के बाद टेंडर जारी किया जाएगा। -आरपी अहिरवार, सीईओ, आईडीए
कन्वेंशन सेंटर में करीब 7 एकड़ से ज्यादा वन भूमि आ रही है। इसके लिए आईडीए को एफसीए में जाना पड़ेगा। एफसीएम में जितनी जमीन फंस रही है उसके बदले में दो गुना जमीन देना होगा। -महेन्द्र सोलंकी,डीएफओ, इंदौर