
जबलपुर। प्रशासन द्वारा न जाने कितनी योजनाएं चलाई जाती हैं, लेकिन जब लोगों के लाभ का काम होता है तो मिसाल बनती है। ऐसा ही एक पुस्तक मेला चर्चा का विषय बना हुआ है। जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना के द्वारा गोलबाजार में 4 दिवसीय पुस्तक मेला लगाया गया है। इस मेले में अभिभावकों को कॉपी, किताबों के साथ स्टेशनरी, जूते और ड्रेस तक में 20 से 50 प्रतिशत तक की छूट मिल रही है। मेले से लोग बुक सेलर्स की लूट से बच रहे हैं।
पहले क्यों नहीं लगा यह मेला:
मेले में शहर ही नहीं ग्रामीण अंचलों से भी बड़ी संख्या में अभिभावक आ रहे हैं। शांतिनगर के सौरभ व्यास अपनी बेटी के लिए किताबें लेने आए थे। उन्हें अच्छा खासा डिस्काउंट मिला। उसे देखकर साथ में आए उनके दोस्त अमित पटेल कहने लगे- पहले ये पुस्तक मेला लगता तो हमें भी लाभ मिल जाता।
पहली से आठवीं तक ज्यादा फायदा:
मेले में सबसे अधिक फायदा पहली से 8वीं तक की क्लास में पढ़ने वाले छात्रों को है। इसके बाद एनसीईआरटी की किताबें लगती हैं। किताब माफिया को छोटी क्लास से ज्यादा कमाई होती है।
क्लास बाजार में रेट मेले में रेट
पहली 3200-3500 2500-2700
पांचवीं 4060-4200 3300-3400
आठवीं 4222-4500 3200-3500
आइटम बाजार में रेट मेले में रेट
कवर 120-175 60-138
जूते 230-450 170-265
बैग 200-3000 135-2400