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नेशनल सर्वे: जंगल की आग रोकने में मप्र टॉप पर

वन क्षेत्रों का रिव्यू: प्रदेश में फायर पॉइंट चार साल में 54 हजार से घटकर 14 हजार पर पहुंचे

पुष्पेन्द्र सिंह-भोपाल। आग लगने की घटनाएं रोकने में मप्र, देश में अव्वल हो गया है। प्रदेश देश के उन 7 राज्यों में शामिल हो गया है जहां के वनों में सबसे कम आग की घटनाएं हो रही हैं। जबकि प्रदेश में सबसे ज्यादा वन क्षेत्र है। आग की सर्वाधिक घटनाओं वाले राज्यों में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य शामिल हैं। प्रदेश में इस साल 14 हजार से अधिक घटनाएं हुई हैं जबकि वर्ष 2021 में यह आंकड़ा 55 हजार था। यह आंकड़े पिछले सप्ताह राष्ट्रीय सर्वे में सामने आए हैं। पिछले सप्ताह नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी ने राष्ट्रीय स्तर पर वन क्षेत्रों के फायर पॉइंट को लेकर रिव्यू किया है।

बताया गया कि देशभर में ऐसे 150 जिले चिन्हित किए गए हैं जहां सबसे ज्यादा वन क्षेत्रों में आग की घटनाएं होती हैं। इनमें मप्र के 15 जिले शामिल हैं। 2024 में देशभर में 1.95 लाख फायर पॉइंट थे। इनमें मप्र के 14,775 हैं। प्रदेश में 95 हजार वर्गमीटर वन क्षेत्र है, इसमें इस साल 2,200 वर्ग मीटर में फायर पॉइंट सामने आए हैं जो कि 22 प्रतिशत कमी है।

जंगलों में आग के कारण

  • महुआ के फूल एकत्र करने के लिए आग लगाई जाती है।
  • जंगलों के आसपास के खेतों में नरवाई जलाने के लिए आग लगाना। इससे हवा के जरिए आग जंगलों में पहुंच जाती है।
  • तेंदूपत्ता के नए पत्तों के लिए आग लगाई जाती है।
  • वन अधिकार पट्टा मिलने के फेर में आग लगाकर मैदान बनाना
  • कटाई जैसे अपराधों को छुपाने के लिए आग लगाना
  • जानवरों को शिकार के लिए खदेड़ने के लिए आग लगाना। 􀂄 मवेशियों के लिए चारा जुटाने।

इस रणनीति से आई कमी

  • प्रदेश से चार सेटेलाइट गुजरते हैं जिससे हर 6-6 घंटे में एलर्ट मिलता है
  • एमपी में सिंपलीफायर बेव विकसित किया गया है इससे नासा से सूचना सेकंडों में आती है
  • कर्मचारी जंगल के आसपास ही रहते हैं जिससे तत्काल मौके पर पहुंच जाते हैं।
  • आग लगने की आशंका वाले वन क्षेत्रों की पहचान की गई।
  • पूर्व चेतावनी और आग के खतरे की रेटिंग के लिए सिस्टम बनाया।
  • आग को रोकने के लिए समुदायों के साथ काम करना।

कई जिले खतरे से बाहर

प्रदेश के 15 जिलों के वन क्षेत्र आग से अधिक प्रभावित रहते हैं। लेकिन, इनमें से अब मंडला, बैतूल, खंडवा और छिंदवाड़ा बाहर हो गए हैं जबकि सतना और सीधी नए जिले जुड़े हैं।

आग की घटनाओं में कमी

प्रदेश में देश का सबसे अधिक वन क्षेत्र है, फिर भी यहां अब आग की घटनाओं पर तेजी से नियंत्रण पाया जा सका है। प्रदेश, देश में अव्वल राज्यों में शामिल हो गया है, जहां कम से कम फायर पॉइंट हैं। वनों की सुरक्षा के प्रबंध और बढ़ाए जा रहे हैं। -दिलीप कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (संरक्षण)

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