
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 50 दिन बाद जमानत पर बाहर आ गए हैं। आज वे कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में भगवान हनुमान के दर्शन करेंगे। इसके बाद 1 बजे वे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसके अलावा, केजरीवाल आज शाम को 4 बजे लोकसभा चुनाव में पहली बार एक रोड शो करेंगे। कोर्ट ने उन्हें 1 जून यानी 22 दिन के लिए राहत दी है, उन्हें 2 जून को तिहाड़ में सरेंडर करना होगा।
सीएम केजरीवाल का आज का कार्यक्रम
दिल्ली के कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘केजरीवाल जी का जेल से निकलना किसी चमत्कार से कम नहीं है। कुछ बड़ा होने वाला है। जरूर हनुमान जी कोई बहुत बड़ा काम करवाएंगे उनसे। आज सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री केजरीवाल जी बजरंगबली हनुमान जी के दर्शन करने सीपी वाले हनुमान मंदिर जाएंगे।’ वह शनिवार सुबह वह 11 बजे कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर जाएंगे और दोपहर एक बजे आप कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
इसके अलावा, केजरीवाल आज शाम को 4 बजे लोकसभा चुनाव में पहली बार एक रोड शो करेंगे। दक्षिण दिल्ली से पार्टी उम्मीदवार सहीराम पहलवान के पक्ष में केजरीवाल महरौली में रोड शो करेंगे। इसमें आप के तमाम बड़े नेताओं के अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा सीएम केजरीवाल पूर्वी दिल्ली से AAP प्रत्याशी कुलदीप कुमार के लिए शाम 6 बजे कृष्णा नगर में रोड शो करेंगे।
देश को तानाशाही से बचाना है : केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को अंतरिम जमानत दे दी। 10 मई की शाम को केजरीवाल तिहाड़ जेल से बाहर आ गए। रिहा होने के बाद केजरीवाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा- मैंने कहा था कि मैं जल्दी आऊंगा, आ गया। केजरीवाल ने कार्यकर्ताओं से कहा- आप से निवेदन है हमें सबको मिलकर देश को तानाशाही से बचाना है। मैं तन मन धन से लड़ रहा हूं। तानाशाही के खिलाफ संघर्ष कर रहा हूं। आज आपके बीच आके अच्छा लग रहा है।
केजरीवाल को 1 जून तक अंतरिम जमानत मिली
दिल्ली शराब नीति मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। शुक्रवार (10 मई) को देश की सर्वोच्च अदालत ने केजरीवाल को 1 जून तक के लिए अंतरिम जमानत दी है। केजरीवाल दिल्ली शराब नीति मामले में 40 दिन से तिहाड़ जेल में बंद हैं। आज शाम तक वह चुनाव प्रचार करने के लिए बाहर आ सकेंगे, इस पर कोई रोक नहीं होगी। वह लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अपनी पार्टी के लिए कैंपेनिंग कर सकते हैं। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि केजरीवाल को दो जून को सरेंडर करना पड़ेगा।
केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दिल्ली सीएम की गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका पर जुलाई में सुनवाई की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने इसे लेकर कहा कि केजरीवाल की इस याचिका पर बहस भी अगले हफ्ते खत्म करने की कोशिश करेंगे।
21 मार्च को गिरफ्तार हुए थे केजरीवाल
ईडी ने लगभग दो घंटे की पूछताछ के बाद अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को उनके आधिकारिक आवास से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें शुक्रवार (22 मार्च) को राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया और पूछताछ के लिए 10 दिनों की रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने छह दिन की रिमांड दी। 28 मार्च को केजरीवाल की रिमांड अवधि खत्म हुई, जो बाद में 1 अप्रैल तक बढ़ा दी गई। कोर्ट ने केजरीवाल को 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक के लिए ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा था। जिसके बाद फिर से राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 23 अप्रैल तक बढ़ा दी। केजरीवाल को तिहाड़ जेल में 2 नंबर बैरक में रखा गया है।
HC ने रिमांड को सही ठहराया था
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार (9 अप्रैल) को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत देने वाली याचिका खारिज कर दी और शराब नीति मामले में केजरीवाल की गिरफ्तारी-रिमांड को सही ठहराया था। हाईकोर्ट ने कहा- ED ने हमारे सामने पर्याप्त सबूत पेश किए। अपनी याचिका में केजरीवाल ने कहा था कि उनकी गिरफ्तारी PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग कानून) की धारा-19 का उल्लंघन है। जिस पर जस्टिस स्वर्ण कान्त शर्मा ने कहा कि ईडी द्वारा जुटाए गए तथ्यों से पता चलता है कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की शराब नीति बनाने में आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची और इससे मिले पैसों का इस्तेमाल गोवा इलेक्शन में किया।
जेल से जारी किए थे दो आदेश
केजरीवाल ने जेल से दो आदेश भी जारी किए थे।
पहला आदेश : केजरीवाल ने पहला सरकारी आदेश 24 मार्च को जल मंत्रालय के नाम जारी किया था। उन्होंने जल मंत्री आतिशी को निर्देश दिया था कि, दिल्ली में जहां पानी की कमी है, वहां टैंकरों का इंतजाम करें।
दूसरा आदेश : केजरीवाल ने दूसरा सरकारी आदेश 26 मार्च को स्वास्थ्य मंत्रालय के नाम जारी किया था। उन्होंने निर्देश दिए थे कि, मोहल्ला क्लिनिक में गरीबों के लिए दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। लोगों को मुफ्त जांच और दवाई मुहैया कराई जाए।
पहली बार किसी सीएम की हुई थी गिरफ्तारी
यह पहला ऐसा मामला है जब किसी मुख्यमंत्री को पद पर रहते हुए ही गिरफ्तार कर लिया गया था। इससे पहले जो भी सीएम किसी आरोप के कारण जांच या फिर गिरफ्तारी के दायरे में आए थे, उन्होंने अपने पद से पहले ही इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले झारखंड के पूर्व CM हेमंत सोरेन को ED ने गिरफ्तार किया था। सोरेन ने ED की हिरासत में राजभवन जाकर इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे थे।
क्या है पूरा मामला ?
दिल्ली में केजरीवाल की सरकार में डिप्टी सीएम रहे मनीष सिसोदिया ने 22 मार्च 2021 को नई शराब नीति का ऐलान किया था। 17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति यानी एक्साइज पॉलिसी 2021-22 लागू कर दी गई। नई शराब नीति लागू करने के बाद सरकार शराब के कारोबार से बाहर आ गई और शराब की पूरी दुकानें निजी हाथों में चली गई। नई नीति लाने के पीछे सरकार का तर्क था कि इससे माफिया राज खत्म होगा और सरकार का रेवेन्यू में बढ़ेगा। नई नीति से रेवेन्यू में 1500-2000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई थी।
नई पॉलिसी में कहा गया था कि दिल्ली में शराब की कुल दुकानें पहले की तरह 850 ही रहेंगी। हालांकि, नई नीति शुरू से ही विवादों में रही। जब बवाल ज्यादा बढ़ गया, तब 28 जुलाई 2022 को सरकार ने नई शराब नीति रद्द कर फिर पुरानी पॉलिसी लागू कर दी। मामले में सीबीआई को जांच ट्रांसफर दी गई। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा एंगल आने पर इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की एंट्री हो गई। उसके बाद से AAP के कई सीनियर नेता और उनके करीबी सहयोगी जांच एजेंसी के निशाने पर आ गए।
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