ताजा खबरभोपालमध्य प्रदेश

भोपाल : 5वीं पास युवक DGP कार्यालय का ऑफिसर बन पुलिसकर्मियों से कर रहा था अड़ीबाजी, क्राइम ब्रांच ने दबोचा; बचने के लिए नाले में कूदा

भोपाल। राजधानी में क्राइम ब्रांच की टीम ने एक ऐसे शातिर शख्स को गिरफ्तार किया है। यह डीजीपी कार्यालय का ऑफिसर बनकर धोखाधड़ी करता था। पुलिसकर्मियों को कॉल करके ट्रांसफर एवं विभागीय जांच के नाम पर धमकाते हुए पैसे मांगता था।

सिर्फ 5वीं तक पढ़ा युवक ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 50 से अधिक पुलिस अफसरों के साथ अड़ीबाजी कर चुका है। इंदौर की एक महिला उपिनरीक्षक की शिकायत पर उसे भोपाल में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की घेराबंदी के दौरान आरोपी नाले में कूद गया। आरोपी के पास से 50 से ज्यादा शासकीय अधिकारी व कर्मचारी की कॉन्टैक्ट लिस्ट मिली है। साथ ही 2 मोबाइल एवं 3 सीम कार्ड भी जब्त किए गए हैं।

रीवा का रहने वाला है आरोपी

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान ने शनिवार को बताया कि एक महिला एसआई ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसमें बताया कि एक व्यक्त खुद को पुलिस अफसर बताते हुए सस्पेंड करने व स्थानांतरण करवाने के लिए पैसों की मांग कर रहा। पुलिस ने धोखाधड़ी, अड़ीबाजी को लेकर 58/23 धारा 170, 419, 420, 384 पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। जांच में पता चला कि जिस नंबर से फोन किए गए, वह सिम रीवा के पनवार थाना इलाके के ग्राम औभरी निवासी बुद्धसेन मिश्रा के नाम पर जारी हुई है। पुलिस द्वारा अलग-अलग लोकेशन मिलने पर रीवा, छिंदवाड़ा, कोरबा, इलाहाबाद भी दबिश दी गई।

भागने के लिए आरोपी नाले में कूदा

इधर, हाल ही में बुद्धसेन की लोकेशन भोपाल के निशातपुरा क्षेत्र में मिली। जब पुलिस ने आरोपी की घेराबंदी की तो वह नाले में कूद गया। वहां से उसे बाहर निकालकर हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल और तीन सिम कार्ड जब्त किए हैं। 29 वर्ष का बुद्धसेन सिर्फ पांचवी तक पढ़ा है। अरोपी ने पूछताछ में पुलिस अधिकारी बनकर फर्जी नंबर से कॉल करके सस्पेंड व ट्रांसफर कराने के नाम पर पैसे मांगने की बात स्वीकार की। वह अभी तक 50 पुलिस के लोगों को रुपये मांगने के लिए धमका चुका था, लेकिन किसी ने उसे पैसे नहीं दिए।

ऐसे देता था वारदात को अंजाम

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह इंदौर में गुरुकृपा होटल में गार्ड का काम करता था। आरेापी पुलिस अधिकारियों के वाहन में लगे वायरलेस सेट से पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे मे सुनता रहता था। उसने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के नाम पर कर्मचारियों को डरा-धमकाकर उनसे पैसो की मांग करने की साजिश रचना शुरू की।

वह गूगल से सभी पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर निकालकर जिले में पदस्थ एसआरसी बाबू का नम्बर लेता था। इसके बाद कार्यालय में स्थानांतरण के आवेदन का पता लगाकर संबंधित थाने के दारोगा को फोन कर उसके अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारी को उससे संपर्क करने करने का आदेश देता था। विभागीय शिकायत की जानकारी लेकर भी वह संबंधित अधिकारी-कर्मचारी से पैसे की मांग करता था। पैसे नहीं मिलने पर सस्पेंड करने की धमकी भी देता था।

ये भी पढ़ें: भोपाल में प्रशासन की कार्रवाई : अमूल्य गार्डन पर चला बुलडोजर, ढाबे में अवैध तरीके से शराब की हो रही थी बिक्री

मध्य प्रदेश की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…

संबंधित खबरें...

Back to top button