
दमोह। जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। देहात थाना अंतर्गत झिरा गांव में शनिवार दोपहर झोपड़ी में अचानक से आग लग गई। जिससे झोपड़ी के अंदर मौजूद दो बच्चों की जलकर दर्दनाक मौत हो गई। आगजनी की घटना के समय मां पानी भरने गई थी। मां ने झोपड़ी में आग की लपटें उठते देखी तो स्थानीय लोगों को मदद से पानी डालकर आग बुझाई। लेकिन, तब तक दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी।
खेत में झोपड़ी बनाकर रह रहा था परिवार
पुलिस के अनुसार, भगवानदास रावत अपनी पत्नी जानकी और दोनों बच्चों के साथ नरसिंहगढ़ चौकी के झिरा गांव में मजदूरी कार्य करता है। वह खेत में झोपड़ी बनाकर रह रहा था। शनिवार की दोपहर पति भगवानदास खेतों पर गया था। जबकि, मां खेत पर बनी घास-फूस की झोपड़ी में चूल्हे पर खाना बना रही थी। वहीं, अंदर उसके दो बच्चे ऋषिका (3) और बाबू (तीन माह) दोनों खेल रहे थे।
#दमोह : खेत में बनी झोपड़ी में #आग लगने से दो बच्चे जिंदा जले। झोपड़ी में खाना बना रही बच्चों की मां किसी काम से झोपड़ी के बाहर निकली थी, तभी अचानक आग लग गई। हादसे में 3 साल की बच्ची और 3 माह के बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई।#Fire #MPNews #PeoplesUpdate pic.twitter.com/SQ8q7qOp9b
— Peoples Samachar (@psamachar1) March 11, 2023
मासूमों की जिंदा जलने से मौत
महिला जब पानी लेने के लिए गई, तभी चूल्हे से आग की चिंगारी निकली और झोपड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते कुछ ही देर में पूरी झोपड़ी से आग की लपटें उठने लगी। मां ने आग देखी तो आसपास के लोगों को बुलाया और आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन, तब तक पूरी झोपड़ी आग में जलकर खाक हो गई और उसके अंदर मौजूद दोनों बच्चों की जिंदा जलने से मौत हो गई। अपनी आंखों के सामने दोनों बच्चों को जिंदा जलता देख मां और पिता बेसुध हो गए।
परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी : एसपी
घटना की जानकारी मिलते ही नरसिंहगढ़ चौकी पुलिस घटनास्थल पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भिजवाया। वहीं सूचना मिलने के बाद दमोह एसपी राकेश कुमार सिंह भी पहुंचे। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने प्रयास किया जा रहा है। परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी।
ये भी पढ़ें: Bhopal में सब इंस्पेक्टर ने पत्नी और बेटे की गला रेतकर की हत्या, फिर खुद ट्रेन के आगे कूदकर किया सुसाइड