PU Special :मोबाइल गेम पर डांट से नाराज 11 साल के बच्चे ने छोड़ा घर, पंजाब से ट्रेन में बैठा; भोपाल में हुआ रेस्क्यू

मोबाइल गेम खेलने पर माता-पिता की डांट से नाराज 11 साल का बच्चा पंजाब से ट्रेन में बैठकर निकल गया। भोपाल रेलवे स्टेशन पर TTE की सतर्कता से उसे रेस्क्यू कर अभिभावकों को सौंप दिया गया।
मोबाइल गेम पर डांट से नाराज 11 साल के बच्चे ने छोड़ा घर, पंजाब से ट्रेन में बैठा; भोपाल में हुआ रेस्क्यू
मोबाइल गेम पर डांट से नाराज 11 साल के बच्चे ने छोड़ा घर

पल्लवी वाघेला, भोपाल। रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता से पंजाब के एक 11 वर्षीय बच्चे को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। मोबाइल गेम खेलने को लेकर माता-पिता की डांट से नाराज होकर बच्चा घर से निकल गया था। वह पंजाब के अपने शहर से कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में बैठकर सफर कर रहा था। ट्रेन में बच्चे को अकेले देखकर TTE को शक हुआ जिसके बाद भोपाल रेलवे स्टेशन पर उसे रेस्क्यू किया गया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे को उसके अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक मोबाइल गेम और सोशल मीडिया रील्स देखने को लेकर बच्चे का माता-पिता से विवाद हुआ था। इसी दौरान माता-पिता ने गुस्से में उससे कह दिया कि अगर पढ़ाई नहीं करनी है तो स्कूल छुड़वाकर मजदूरी पर लगा देंगे। यह बात बच्चे को इतनी बुरी लगी कि उसने घर छोड़ने का फैसला कर लिया।

मोबाइल गेम को लेकर हुआ था विवाद

बताया गया कि 11 वर्षीय बच्चा मोबाइल पर गेम खेलने और सोशल मीडिया रील्स देखने में काफी समय बिताता था। इस बात को लेकर माता-पिता उसे टोकते थे और पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए कहते थे। इसी मुद्दे पर हुई डांट के दौरान बच्चे से कह दिया गया कि पढ़ाई नहीं करनी है तो स्कूल छुड़वाकर मजदूरी पर लगा देंगे। बच्चा इस बात से आहत हो गया। उसने घर पर किसी को बताए बिना निकलने का फैसला किया और ट्रेन में बैठ गया। उसे अंदाजा नहीं था कि अकेले इस तरह सफर करना कितना जोखिम भरा हो सकता है।

TTE को अकेले सफर करते देख हुआ शक

बच्चा पंजाब से कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में सफर कर रहा था। ट्रेन में उसे अकेले देखकर TTE को संदेह हुआ। इसके बाद भोपाल रेलवे स्टेशन पर बच्चे को रेस्क्यू किया गया। बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे उसके माता-पिता को सौंप दिया गया। इस तरह समय रहते मिली मदद से बच्चा सुरक्षित अपने परिवार तक पहुंच सका।

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काउंसलिंग में बोला- मजदूरी ही करनी है तो घर पर क्यों रहूं?

काउंसलिंग के दौरान बच्चे ने बताया कि माता-पिता की बात से उसे बहुत बुरा लगा था। उसने कहा कि जब उसे मजदूरी ही करनी है तो वह घर पर उनके साथ क्यों रहे। वह किसी नई जगह जाकर खुद मजदूरी करना चाहता था, ताकि अपने हिसाब से रह सके। बच्चे ने यह भी कहा कि वह पढ़ाई करता है लेकिन उसे मोबाइल गेम खेलना ज्यादा पसंद है। उसके मुताबिक मम्मी-पापा उसे हर बात पर टोकते हैं, जिससे वह नाराज रहता है। काउंसलिंग के दौरान बच्चे को समझाया गया कि माता-पिता उसकी भलाई के लिए ही पढ़ाई और मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर चिंता करते हैं। उसे मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल, गेम खेलने की आदत और गुस्से में घर छोड़कर निकलने से होने वाले नुकसान के बारे में भी बताया गया।

मोबाइल की आदत पर नियंत्रण जरूरी

मोबाइल गेम और सोशल मीडिया का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल बच्चों की पढ़ाई, दिनचर्या और व्यवहार को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में माता-पिता के लिए बच्चों के स्क्रीन टाइम पर ध्यान देना और उनकी दिनचर्या में संतुलन बनाना जरूरी है। लेकिन इस दौरान धमकी देने, अपमानित करने या गुस्से में ऐसी बातें कहने से बचना चाहिए, जिनसे बच्चा खुद को असुरक्षित या अवांछित महसूस करे। बच्चों के लिए मोबाइल इस्तेमाल का समय तय किया जा सकता है। पढ़ाई, खेलकूद, परिवार के साथ समय बिताने और आराम के लिए भी नियमित समय रखना चाहिए। नियम बनाते समय बच्चे की बात सुनना और उसे कारण समझाना भी जरूरी है।

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घर छोड़ने की बात को महज जिद न समझें

काउंसलर दिव्या दुबे मिश्रा के अनुसार बच्चों को अनुशासन सिखाने के साथ यह एहसास कराना भी जरूरी है कि वे सुरक्षित हैं और अपनी परेशानी परिवार के सामने खुलकर रख सकते हैं। यदि बच्चा गुस्से में घर छोड़ने, कहीं चले जाने या खुद को नुकसान पहुंचाने जैसी बातें करता है, तो उसे केवल जिद समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शांत होकर उसकी बात सुननी चाहिए और उसे भरोसा दिलाना चाहिए कि गलती होने पर भी परिवार उसका साथ देगा। बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि मोबाइल गेम खेलने का समय सीमित रहेगा और पढ़ाई के साथ दूसरी गतिविधियों के लिए भी समय निकालना होगा। साथ ही, माता-पिता को बच्चों की भावनाओं को समझने और उनके साथ संवाद बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए।

Dr. Sumit  Shrivastava
By Dr. Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...

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