
पिछले कुछ समय से मोटापा एक वैश्विक समस्या बनी हुई है। दुनियाभर में करीब 800 मिलियन और अकेले भारत में 97 मिलियन नागरिक इस बीमारी के साथ जी रहे हैं। वहीं, लाखों लोगों के इससे प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। मोटापे या वजन बढ़ने की समस्या को लेकर विशेषज्ञ अक्सर लोगों को आगाह करते रहे हैं। हाल ही में वर्ल्ड ओबेसिटी फेडरेशन के 2023 एटलस ने भविष्यवाणी की है कि दुनिया के 51%, या 4 अरब से अधिक लोग, अगले 12 वर्षों में मोटे या अधिक वजन वाले होंगे।
तेजी से मोटापे की ओर बढ़ रहे हैं बच्चे
वर्ल्ड ओबेसिटी फेडरेशन द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2030 तक 27 मिलियन से अधिक बच्चों के मोटापे से ग्रस्त होने की उम्मीद है। रिपोर्ट में पाया गया कि बच्चों और कम आय वाले देशों में मोटापे की समस्या विशेष रूप से तेज़ी से बढ़ रही है। रिपोर्ट में पेश किए गए ये आंकड़े भारत के लिए खतरनाक हैं, क्योंकि इस तरह देश 2025 तक बच्चों में मोटापे में वृद्धि को रोकने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की प्रतिबद्धता को पूरा नहीं कर पाएगा।
रिपोर्ट में हुए चौंकाने वाले खुलासे
रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक भारत में 5 से 9 वर्ष के आयु वर्ग में लगभग 10.81% मोटापा और 10 से 19 वर्ष के आयु वर्ग के किशोरों में लगभग 6.23% मोटापे का प्रसार होगा। रिपोर्ट में पाया गया कि बचपन का मोटापा 2020 के स्तर से दोगुना से भी अधिक हो सकता है, 2035 तक 208 मिलियन लड़के और 175 मिलियन लड़कियां मोटापे का शिकार हो सकती हैं।
रिपोर्ट अपने मूल्यांकन के लिए बॉडी मास इंडेक्स (BMI) का उपयोग करती है, एक संख्या जिसकी गणना किसी व्यक्ति के वजन को किलोग्राम में मीटर वर्ग में उनकी ऊंचाई से विभाजित करके की जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशानिर्देशों के अनुसार, 25 से अधिक बीएमआई स्कोर अधिक वजन और 30 से अधिक मोटापे से ग्रस्त है।
ज्यादा वजन मृत्यु दर को बढ़ाता है
जनरल पापुलेशन स्टडीज में प्रकाशित शोध के मुताबिक एक्स्ट्रा वजन कई मामलों में मृत्यु दर को बढ़ाता है। स्टडी से ये भी पता चला है कि हाई बॉडी मास इंडेक्स वाले लोगों में डेथ रेट ज्यादा है।
मोटापे को रोकने के लिए संतुलित आहार जरूरी है। खान पान का मोटापे को लेकर काफी असर पड़ता है। नियमित व्यायाम के जरिए कैलोरी बर्न कर वजन को बढ़ने से रोका जा सकता है।
मोटापा किसकी कमी से होता है ?
रिसर्च में मोटापे और विटामिन डी की कमी के बीच संबंध बताया है। रिसर्च में पाया गया कि जो लोग मोटे या अधिक वजन वाले होते हैं, उनमें विटामिन डी की कमी होती है। इसकी वजह से शरीर में एडिपोकिंस (एक तरह का प्रोटीन) कम होने लगता है और मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है। एनर्जी कम खर्च होती है और भूख बढ़ने लगती है।