
भोपाल। सोशल मीडिया पर इन दिनों महिलाएं खासी एक्टिव हैं। लेकिन, इस बीच लगातार बढ़ते साइबर क्राइम और महिलाओं के सोशल मीडिया पर उपजे प्यार की खबरें (दूसरे देश जाने की खबरें), पतियों का बीपी बढ़ा रही हैं। उन्हें चिंता रहती है कि कहीं पत्नी फ्रॉड का शिकार न हो जाए या किसी के बहकावे में गलत कदम न उठा ले। परामर्श केन्द्र और फैमिली कोर्ट की मानें, तो इन दिनों हर हफ्ते एक-दो मामले ऐसे पहुंच जाते हैं। प्राइवेट काउंसलर ने बताया कि उनके पास रोज कॉल आ रहे हैं, जहां पति, पत्नियों की सोशल मीडिया लत छुड़ाने की सलाह ले रहे हैं।
बढ़ रही चिंता : महिलाओं के परिवार छोड़ने के मामले सामने आने के बाद बीते एक हफ्ते में काउंसलिंग की इंक्वायरी के मामले अचानक बढ़ गए हैं। पतियों का कहना है कि वे पत्नी की आजादी का हनन नहीं चाहते, लेकिन एक अनजाना भय उन्हें सताता रहता है। वहीं, पत्नियों का मानना है कि उनके पति के पास ना बात करने का समय है और न तारीफ का। ऐसे में सोशल मीडिया पर लाइक्स व कमेंट्स उन्हें स्पेशल महसूस कराते हैं।
केस-1
निजी कॉलेज में प्रिंसिपल पति ने काउंसलर फ्रेंड से सलाह ली कि पत्नी सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बात करती है। समझाने पर उसका तर्क होता है कि उसे अच्छे-बुरे की समझ है। एक बार उसने गुस्से में कह दिया कि तुम ऐसे ही रोक-टोक करते रहे, तो किसी और के साथ चली जाऊंगी।
केस-2
सरकारी बैंक में क्लर्क पति ने परामर्श लिया कि पत्नी इन दिनों लगातार चैटिंग में व्यस्त रहती है। फोन चेक करो, तो सारे मैसेज डिलीट मिलते हैं। उसके फॉलोअर्स बढ़ रहे हैं, जिनमें विदेशी भी शामिल हैं। वहीं, पत्नी ने कहा कि पति के पास समय ही नहीं है, तो वह टाइम पास के लिए यह करती है।
एक केस में पत्नी अलग- अलग प्लेटफॉर्म पर दिन में 10 से 12 तस्वीरें,रील्स पोस्ट करती थी। पति की नजर में यह बीमारी थी। काउंसलिंग के बाद पत्नी के बिहेवियर बदला है। – दीप्ति सिंघल, काउंसलर
(इनपुट – पल्लवी वाघेला)